अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी की दो दिवसीय बैठक शुरू हो गई है। बैठक में उत्तराखंड में कांग्रेस और भाजपा की जन विरोधी नीतियों का जनपक्षीय और राज्य को एक सशक्त विश्वसनीय राजनीतिक विकल्प देने को संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने राज्य के अस्तित्व को बर्बादी की कगार तक लाने वाले राष्ट्रीय दलों को सबक सिखाने का आह्वान किया।
धारानौला में एक होटल में विभिन्न जगहों से पहुंचे कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता का तमाम राजनीतिक दलों से मोह भंग हो गया है और वह बड़ी उम्मीदों से हमारी ओर देख रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य की जनता एक बार उन्हें मौका जरूर देगी। गैरसैंण राजधानी संघर्ष समिति के संयोजक चारू तिवारी ने कहा कि गैरसैंण की अवधारणा एक राजनीतिक प्रश्न है। जिसके लिए राज्य के अस्तित्व को बर्बादी की कगार तक लाने वाले राष्ट्रीय दलों को सबक सिखाना होगा।
सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम सिंह सनवाल, ईश्वरी दत्त जोशी ने पर्यावरण और विकास के नाम पर चल रही योजनाओं के प्रभाव और जीवन चंद्र ने देश की राजनीतिक स्थिति पर विचार रखे। पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रभात ध्यानी ने झूठ और तिकड़म और प्रचार की राजनीति के खिलाफ जनता को एकजुट होकर परिवर्तन के लिए आगे आने का आह्वान किया। कुलदीप महावाल ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।
बैठक में पार्टी की केंद्रीय सचिव आनंदी वर्मा, रेखा धस्माना, नंदी नैनवाल, सुमित तिवारी, बसंत खनी, प्रकाश जोशी, आनंदी मनराल, वंदना कोहली, विमला, रंजना, किरन, अनूप तिवारी, लालमणि, केपीएस अधिकारी समेत काफी लोगों ने भाग लिया। इस मौके पर शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त डॉ. केएस रावत, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित पूरन सिंह मेहता आदि कई लोगों ने उपपा की सदस्यता भी ली।