चौखुटिया (अल्मोड़ा)। वन भूमि हस्तांतरण की सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बावजूद बहुप्रतीक्षित कूनीगाड़-हिरूलीबाजार -रामपुर मोटर मार्ग का निर्माण अधर में लटके होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क का कार्य शीघ्र शुरू न होने पर जून प्रथम सप्ताह से कर्णप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग पर बेमियादी धरना शुरू करने के साथ ही सड़क का निर्माण सामूहिक रूप से खुद ही शुरू करने का एलान किया है।
ग्रामीणों की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि कूनीगाड़-हिरूलीबाजार-रामपुर सड़क में दूसरे चरण में डेढ़ किमी का कार्य हो चुका है, लेकिन दो किमी का कार्य रुका है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जून प्रथम सप्ताह तक सड़क का रुका कार्य पूरा नहीं किया गया तो जनता अवज्ञा आंदोलन शुरू करने के साथ ही कर्णप्रयाग-चौखुटिया मोटर मार्ग पर धरना, प्रदर्शन करने के साथ ही स्वयं सड़क बनाना शुरू कर देंगी। आगामी लोकसभा चुनावों का बहिष्कार करने की बात भी कही गई है। ज्ञापन में गौरव सेनानी संगठन के सचिव झगड़ सिंह नेगी, बलवंत सिंह पुंडीर, महेशानंद, केदार सिंह, बलवंत सिंह, केशर सिंह, लक्ष्मण सिंह, मनोज नेगी, राधा, कला, राजेद्र सिंह, मथुरा देवी, कस्तूरी, हेमंत सिंह, सूरी देवी, शंभू प्रसाद जोशी, जमन सिंह आदि के हस्ताक्षर हैं।
दो किमी के फेर में सत्तर किमी का फेरा
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। महज दो किमी सड़क न होने के कारण कूनीगाड़ के लोगों को 70 किमी का फेरा लगाना पड़ रहा है। असल में कूनीगाड़ सड़क का शेष दो किमी का कार्य पूरा होने पर कूनीगाड़ के ग्रामीण महज सात किमी की दूरी तय कर चौखुटिया पहुंच जाएंगे, जबकि अभी उन्हें दोनों तरफ की 70 किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है। इसके चलते उनकी समय की बर्बादी तो हो ही रही है साथ ही 80 रुपये किराया भी देना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबी दूरी तय करने के कारण कई बार गंभीर रोगी सीएचसी चौखुटिया लाने तक दम तोड़ देते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार आश्वासन के बावजूद सड़क का अधूरा कार्य पूरा न होने से गांव से तेजी से पलायन भी होने लगा है।