अल्मोड़ा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का कार्य बहिष्कार पांचवें दिन भी जारी रहा। इस दौरान कर्मचारी गांधी पार्क पर धरने पर बैठे रहे। यहां हुई सभा में वक्ताओं ने एसीपी व्यवस्था बहाल करने, प्रदेश के अति दुर्गम और दुर्गम स्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को चिकित्सकों की भांति भत्ता दिए जाने आदि 23 सूत्री मांगों को पूरा करने के लिए सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। इधर कर्मचारियों की हड़ताल से समाज कल्याण, मनरेगा, सिंचाई राजस्व, कृषि और पर्यटन आदि कार्यों पर प्रभाव पड़ा।
गांधी पार्क में धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कर्मचारी निगम की स्थापना किए जाने, एसीपी के तहत प्रोन्नत वेतनमान 10, 16, 26 किए जानेे, हेल्थ कार्ड बनाने आदि की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और धरना दिया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर आयोजित कार्य बहिष्कार के दौरान गांधी पार्क में पंचायती राज, ग्राम्य विकास, सिंचाई, पर्यटन, मत्स्य, समाज कल्याण, होटल मैनेजमेंट, कृषि आदि विभाग शामिल हुए। पांच दिन से लगातार कर्मचारियों के आंदोलन से कृषि, पर्यटन, पेंशन, आवास, परिवार रजिस्टर, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र आदि के कार्यों पर भी विपरीत प्रभाव पड़ा है। धरने पर मुकेश कुमार, अनिता रावत, रुचि मेहता, बाला सुंदरी, नीलम गौतम, उमा नेगी, आशु उप्रेती, रवींद्र कोहली, कैलाश जोशी, जेपी कुशवाहा, दीप पांडे, उषा रानी, बीएस राणा, नरेंद्र मेहरा, सुगम चंद्र, गोपाल मेहता,जीवन चंद्र तिवारी आदि शामिल थे। अध्यक्षता भूपेंद्र सिंह राणा और संचालन गोपाल राम ने किया।