सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। चनौदा-सैजारी सड़क निर्माण की मांग को लेकर सड़क संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय प्रांगण में दूसरे दिन भी धरना दिया। बाद में ग्रामीणों की तहसीलदार खुशबू आर्या से वार्ता हुई। तय हुआ कि पीएमजीएसवाई द्वारा मार्ग का 12 दिसंबर से पुन: सर्वे किया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों ने फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया है।
मालूम हो कि चनौदा-सैजारी मार्ग आठ साल पहले स्वीकृत हुआ था, लेकिन अब तक नहीं बन पाया है। जिसके चलते भेटा बड़सीला, सैजारी, तीताकोट, धलरखोला, मेल्टी गांव आज तक यातायात से नहीं जुड़ पाए हैं। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर सड़क संघर्ष समिति के बैनर तले तहसील कार्यालय प्रांगण में धरना शुरू कर दिया था। मंगलवार दूसरे दिन भी ग्रामीण धरने पर बैठे। दोपहर में तहसीलदार खुशबू आर्या ने आंदोलित ग्रामीणों से वार्ता की। मौके पर पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता गोविंद कुमार को भी बुलाया गया।
एई ने बताया कि पूर्व में दो बार सड़क निर्माण के लिए सर्वे हो चुका है, लेकिन सड़क निर्माण में दूसरे गांवों शैल और गुरुड़ा के ग्रामीणों ने अपनी भूमि कटने पर आपत्ति जताई। जिसके बाद आगे कार्रवाई नहीं हो सकी। तय हुआ कि 12 दिसंबर से मार्ग निर्माण के लिए दोबारा सर्वे होगा। जिन ग्रामीणों की भूमि प्रस्तावित सड़क के क्षेत्र में आएगी ऐसे ग्रामीणों से तहसील कार्यालय में वार्ता की जाएगी। ग्रामीणों की अनापत्ति के बाद सड़क का काम शुरू होगा। तहसीलदार ने क्षेत्र के राजस्व उप निरीक्षक को निर्देश दिए कि जिन ग्रामीणों की सड़क निर्माण में भूमि आ रही है, उनकी जानकारी जुटाएं।
इसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने चेताया कि यदि नए सर्वे के बाद भी सड़क नहीं बनी तो पुन: आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। वार्ता में संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुधीर टम्टा, उपाध्यक्ष आनंद राम, जिला पंचायत सदस्य बालम भाकुनी, विनोद भाकुनी, प्रकाश राम, राहुल कुमार, पान सिंह, सुंदर सिंह, जमन सिंह, कविता आर्या, बीना देवी, सुशीला देवी, पटवारी आनंद राम, रवि मोहन बिष्ट आदि मौजूद थे।