‘दुग्ध संघ के तीन करोड़ घाटे में होने की जांच की जाए’
अल्मोड़ा। दुग्ध उत्पादकों की बैठक में वक्ताओं ने दुग्ध उत्पादकों को सरकार द्वारा दी जाने वाली चार रुपये प्रति लीटर प्रोत्साहन धनराशि का भुगतान नहीं करने पर रोष जताया। उन्होंने कहा कि एक तरफ पिछली सरकार ने अपने कार्यकाल में भुगतान नहीं किया वहीं वर्तमान सरकार भी मौन साधे हुए है। उन्होंने प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी। उन्होंने अल्मोड़ा दुग्ध संघ को तीन करोड़ का घाटा होने की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि पिछली सरकार ने अक्तूबर 2014 से दुग्ध मूल्य के अलावा सरकार द्वारा चार रुपये प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि देना शुरू किया। मई 2016 तक धनराशि दुग्ध उत्पादकों को दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि घाटे की दुहाई देते हुए दुग्ध संघ अल्मोड़ा न तो दुग्ध क्रय मूल्य बढ़ा रहा है और न ही दुग्ध उत्पादकों का भुगतान समय पर कर रहा है। उस पर एक वर्ष से अधिक समय से प्रोत्साहन राशि के नहीं मिलने से दुग्ध उत्पादकों आर्थिक नुकसान हो रहा है।
उन्होंने दुग्ध उत्पादकों के लंबित भुगतान, कर्मचारियों के चार माह के शेष वेतन का भुगतान, अन्य आवश्यक खर्चों के लिए अल्मोड़ा जिले के विधायकों से अपने-अपनी क्षेत्र विकास निधि से 50-50 लाख धनराशि देने की मांग की। उन्होंने कहा कि नए दुग्ध संघों की स्थापना के स्थान पर पहले से चल रहे दुग्ध संघों को बचाया जाए।
उन्होंने प्रोत्साहन धनराशि का भुगतान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन करने की चेतावनी दी। बैठक में आनंद सिंह बिष्ट, ब्रह्मानंद डालाकोटी, शिवराज बनौला, ब्रजमोहन फुलारा, त्रिभुवन तिवारी, मोहन सिंह, प्रताप सिंह, मोहन जोशी, शंकर दत्त आदि मौजूद थे।