ढाई लाख रुपये की लागत से सल्ट ब्लॉक के जालीखान बाजार में लगाया गया एक मात्र हैंडपंप पिछले दो सालों से खराब पड़ा है। हैंडपंप खराब होने के कारण लोगों को पानी के लिए एक किमी दूर जाना पड़ रहा है।
यदि हैंडपंप को शीघ्र ठीक नहीं किया गया तो गर्मियों के दिनों में लोगों को भारी पेयजल संकट से जूझना पड़ेगा। लोगों ने हैंडपंप ठीक नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
जल संस्थान द्वारा जालीखान बाजार में कई साल पूर्व हैंडपंप स्थापित किया गया था। पिछले दो सालों से हैंडपंप खराब पड़ा है, लेकिन इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। हैंडपंप खराब होने से जालीखान और कपराढैया बाजार के लोगों के अलावा स्कूली बच्चों, कर्मचारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पेयजल संकट होने पर लोग एक किमी दूर से पानी ढोते हैं। लोगों ने बताया कि हैंडपंप खराब होने की सूचना जल संस्थान के अधिकारियों को पूर्व में कई बार दे चुके हैं, लेकिन अब तक इसे ठीक नहीं किया गया है। लोगों ने कहा कि गर्मी शुरू होने से पहले यदि खराब पड़े हैंडपंप को ठीक नहीं किया गया को वह आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
कपराढैया निवासी सुजीत चौधरी ने कहा कि जल संस्थान ने हैंडपंप तो लगा दिया, लेकिन अब खराब पड़े हैंडपंप की मरम्मत नहीं की जा रही है। जालीखान निवासी प्रकाश नैनवाल ने खराब पड़े हैंडपंप को शीघ्र ठीक कराने की मांग की है ताकि गर्मियों के दिनों लोगों को कुछ राहत मिल सके।
जल संस्थान के कनिष्ठ अभियंता मनदीप शर्मा ने बताया कि जिस स्थान पर हैंडपंप लगाया गया है उस जगह पर पानी का लेबल कम हो गया है। हैंडपंप को ठीक करने वाली मशीन जगह की कमी के कारण वहां नहीं जा पा रही है। जिससे हैंडपंप को ठीक करने में दिक्कतें आ रही है। फिर भी हैंडपंप को ठीक कराने के प्रयास किए जाएंगे।