अल्मोड़ा। भैंसियाछाना विकासखंड के पल्यूं गांव में सरकार की मनरेगा योजनाओं में अनियमितता की शिकायत को लेकर गांव के ग्रामीणों ने सोमवार को एडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि आरटीआई से मांगी गई सूचना में गांव में विभिन्न योजनाओं के निर्माण कार्य कागजों में तो पूरे दिखा दिए हैं, लेकिन धरातल पर सारे काम अधूरे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से गांव में चल रही योजनाओं की और सरकारी धन के दुरुपयोग की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। उन्होंने जांच नहीं होने पर आंदोलन करने के साथ भविष्य में होने वाले चुनावों का भी बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।
ज्ञापन में कहा गया है कि गांव के गोलू मंदिर से दियारकूना तक एक किमी के सीसी मोटर मार्ग निर्माण कार्य जो 2015-16 में शुरू किया गया था, आज तक पूरा नहीं हुआ है और आधा छोड़ दिया गया है। जबकि सड़क निर्माण के लिए ग्रामीणों की भूमि को भी जेसीबी से काट दिया गया था। वहीं पल्यूं के नौतीखान में महरूड़ा से नौतीखान की ओर मार्ग निर्माण कार्य कागजों में पूर्ण दिखाए गए हैं लेकिन ये काम भी अधूरे ही हैं। इसके अलावा दीवारें, स्कवर बनाने का काम भी नहीं हुआ है। इस संबंध में आरटीआई से सूचना मांगी गई तो उसके बाद मनरेगा का काम बंद कर दिया गया।
ग्रामीणों ने गांव की संचालित सभी योजनाओं को ईमानदारी से पुन: शुरू करने, बंद पड़े और रोके गए निर्माण कार्य नियमित देखरेख के साथ शुरू करने, मनरेगा आदि गांव के लिए चलाई गई योजनाओं की निष्पक्ष जांच करने और निर्माण कार्यों की जांच में डीडीओ तक के संबंधित विभागीय अधिकारियों को दूर रखने की मांग की है। ज्ञापन में महिला संगठन की अध्यक्ष जीवंती देवी, किशन सिंह, रमेश राम, गोविंद राम, गोपाल, विपिन चंद्र जोशी, आदित्य पांडे, रमेश पांडे, जगदीश राम, सुनीता देवी, चंदन लाल, कुंती देवी, विमला देवी, सुनीता देवी, मदुली देवी, गायत्री देवी, शोभा देवी, तारा दत्त पांडे, नंदी देवी, प्रताप राम, कालू राम, उमा देवी, कैलाश चंद्र आदि के हस्ताक्षर हैं।