अल्मोड़ा। महिला कांग्रेस जिला इकाई के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने संसद और राज्य विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की है। उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले में ज्ञापन भेजा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि 2014 के चुनावों में भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का स्पष्ट उल्लेख था, लेकिन तीन साल बाद भी लोकसभा में महिलाओं के आरक्षण के लिए बिल पेश करने की कोई पहल नहीं हुई है।
महिलाएं देश की आबादी का आधा हिस्सा हैं और विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसके बावजूद नीति निर्धारण और विधायी निकायों में उन्हें उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया जा रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने प्रतिनिधित्व के अंतर को समझते हुए स्थानीय स्तर पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए इसका बीड़ा उठाया था। 73वें और 74वें संवैधानिक संशोधनों के मार्ग ने राजनीतिक रूप से महिलाओं को सशक्त बनाने की मुद्दे को बल देकर उन्हें इन निकायों में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। इसे आगे बढ़ाते हुए सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने कई राज्यों की मदद से स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया।
ज्ञापन देने वालों में महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष लता तिवारी, सुमन रौतेला, राधा बिष्ट, गीता मेहरा, जया साह, दीपा त्रिपाठी, पुष्पा सती, लीला जोशी, किरन साह, प्रीति बिष्ट, पूनम आर्या, जेबुलनिसा अंसारी, पूरन रौतेला, तारा जोशी आदि शामिल हैं।