अल्मोड़ा। बुधवार को चितई के निकट एक ट्रक से 150 पेटी देशी शराब पकड़े जाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। जांच कर रही पुलिस की टीम ने एक ही नंबर के दो परमिट पकड़े हैं। जिससे आबकारी विभाग में हड़कंप है। दोनों परमिट 150 पेटी शराब की निकासी के लिए बने हैं। जिसमें एक माल रोड अल्मोड़ा की दुकान के लिए जबकि दूसरा सेराघाट (भैंसियाछाना) के लिए जारी किया गया है। पुलिस ने अब आबकारी एक्ट के साथ ही धोखाधड़ी की धाराएं भी जोड़ दी हैं।
बता दें कि बुधवार को पुलिस ने चितई के पास एक ट्रक से 150 पेटी देशी शराब बरामद की थी। जांच में यह पता लगा है कि एक ही नंबर के दो परमिट जारी हुए हैं। दोनों में जिला आबकारी अधिकारी की मुहर और हस्ताक्षर हैं। हालांकि यह पता लगा है कि कागजों में यह शराब स्टेशन रोड में स्थित देशी शराब की दुकान के लिए भेजी जानी थी लेकिन इसे फर्जी परमिट के जरिये सेराघाट (भैंसियाछाना) ले जाया जा रहा था। पुलिस ने अब आबकारी अधिनियम के साथ ही धारा 420, 465,468 और 471 धाराएं भी जोड़ दी हैं।
शक के दायरे में आबकारी दफ्तर, आबकारी निरीक्षक ने भी दी तहरीर
अल्मोड़ा। एक ही नंबर के दो परमिट जारी होने और उनमें बकायदा जिला आबकारी अधिकारी की मुहर और हस्ताक्षर होने के बाद आबकारी ऑफिस भी शक के दायरे में है। सवाल यह उठ रहा है कि शराब ठिकाने लगाने के लिए कथित फर्जी परमिट में जिला आबकारी अधिकारी की मुहर लगाकर हू-ब-हू हस्ताक्षर करने वाले लोग कौन हैं। यह भी आशंका जताई जा रही है कि फर्जी परमिट के जरिये शराब ठिकाने लगाने का धंधा काफी पहले से चल रहा हो। इधर जिला आबकारी अधिकारी दुर्गश त्रिपाठी ने बताया है कि (सेराघाट) भैंसियाछाना की दुकान के लिए बनाया गया परमिट प्रथम दृष्टया फर्जी है क्योंकि आबकारी विभाग द्वारा परमिट ऑन लाइन ही जारी किए जाते हैं। उन्होंने यह भी बताया है कि आबकारी निरीक्षक ने फर्जी परमिट बनाने को लेकर बुधवार शाम हो थाने में तहरीर दे दी थी। इधर पुलिस का कहना है कि आबकारी निरीक्षक की शिकायत को भी कल दर्ज मामले में शामिल कर लिया गया है और जिला आबकारी अधिकारी के हस्ताक्षरों की जांच हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से कराई जाएगी।