अल्मोड़ा। कुली बेगार आंदोलन के 98वें विजय दिवस पर कुमाऊं केसरी और प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे स्व. बद्री दत्त पांडे द्वारा किए गए कार्यों को याद किया गया। उनके परिजनों की ओर से पालिका में आयोजित व्याख्यान में वक्ताओं ने कहा कि समाज से छूआछूत समाप्त करने समेत देश को आजाद कराने में स्व. पांडे का योगदान अविस्मरणीय है।
डॉ. वसुधा पांडे ने कहा कि कुप्रथा कुली बेगार को समाप्त कराने में स्व. पांडे ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। समाज से छूआछूत समाप्त करने, वन आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई। नायक जाति में व्याप्त कुप्रथा को उन्होंने समाप्त करवाया। स्वच्छता आंदोलन की भी स्व. पांडे ने अगुवाई की। अध्यक्षता करते हुए पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने कहा कि स्व. बद्री दत्त पांडे ने देश को स्वतंत्रता दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं में बढ़ता स्मैक और शराब का प्रचलन चिंताजनक है।
पहाड़ से हो रहे पालन को रोकने के लिए भी ठोस कदम उठाने होंगे। सुशील कुमार जोशी ने स्व. पांडे के जीवनवृत्त पर प्रकाश डाला। आयोजक स्व. पांडे के नाती कर्नल रवींद्र नाथ पांडे ने सभी का आभार जताया। इस अवसर पर पद्मश्री डा ललित पांडे, अरुण पंत, किशन गुरुरानी, एलके पंत, दयाकृष्ण कांडपाल आदि मौजूद थे।