जैंती (अल्मोड़ा)। तहसील के ग्राम पंचायत चौकुना में चल रहे गौरा महोत्सव (गंवरा) में महिलाओं ने गौरा और महेश की मूर्तियों को झूलाया और गीतों पर नृत्य किया। इस दौरान भजन कीर्तन तथा कुमाऊंनी झोड़ा गायन भी हुआ। महोत्सव में काफी संख्या में महिलाएं पहुंची थी।
महिलाओं ने पैर-पैर गौरा नौ लखिया हार.., मैं किले ब्याही बौज्यू यो ऊंचा हिमाला डांडा ह्यूं पहाड़ बौज्यू ह्यूं बिछौन, होली रे बाला-होली रे, होल्यारी बाला होरी रे.., दे गंवरा देवी हो छुम घुंघरू छुम को बाजो त्वे गंवरा झुलूनों हो छुम को बाजो आदि गौरा महोत्सव के गीत गाए। व्रतधारी महिलाओं ने गौरा और महेश की मूर्तियों को गोद में उठाकर झूलाया। गीतों पर नृत्य किया।
महिलाओं ने कुमाऊंनी झोड़ा भी गाया। देवडांगर जीवंती देवी ने बताया कि आठ सितंबर को शोभा यात्रा निकलेगी। तालगौं स्थित देवी मंदिर में मूर्तियों को विसर्जित किया गया। इसके बाद प्रसाद वितरित होगा। महोत्सव में पार्वती देवी, उमा देवी, मोहनी देवी, खष्टी देवी, लाली देवी, देवकी देवी, तुलसी देवी, सरस्वती देवी, सावित्री देवी, हेमा चिलवाल, पिंकी धानक, मीना देवी आदि मौजूद थी। क्षेत्र के कनोली, बरम, नैगाड़, धनखोली आदि स्थानों से भी महिलाएं पहुंची थी।