अल्मोड़ा। कृषि विभाग पर्वतीय क्षेत्र में परंपरागत फसलों धान, मडुवा, रामदाना, झंगोरा की जैविक खेती को बढ़ावा देगा। शासन के निर्देश पर परंपरागत कृषि विकास योजना (पीकेवीआई) के तहत जिले में कलस्टरों का गठन किया जा रहा है। इसके लिए कृषकों को कृषि विभाग प्रशिक्षण भी देगा।
सरकार पर्वतीय क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है। पीकेवीआई योजना के तहत कृषि विभाग किसानों को धान, मडुवा, रामदाना, झंगोरा के जैविक उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करेगा। योजना के तहत कृषि विभाग जिला में 320 कलस्टर गठित करेगा। एक कलस्टर में करीब पांच अथवा इससे अधिक किसान शामिल किए जाएंगे। एक कलस्टर के अंतर्गत बीस 20 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र शामिल होगा। जिसमें जैविक खेती ही की जाएगी। साथ ही उन्नत फसलों का उत्पादन, जंगली जानवरों से खेती की सुरक्षा, प्रसंस्करण यूनिट की स्थापना, बेमौसमी सब्जी उत्पादन, मत्स्य पालन, वर्षा जल संग्रहण आदि कार्य किए जाएंगे। इसमें कृषि, उद्यान, भेषज समेत अन्य विभाग सहयोग करेंगे।
मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह ने बताया कि अब तक कृषि विभाग के माध्यम से 75 कलस्टरों का गठन किया जा चुका है। योजना के तहत कृषकों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा और कृषि मेलों का भ्रमण भी कराया जाएगा, ताकि काश्तकार जानकारी प्राप्त कर सकें। जैविक खेती के लिए बर्मी कंपोस्ट बनाने की विधि भी काश्तकारों को बताई जाएंगी। जिससे की जिले के काश्तकार जैविक खेती कर अधिक आय अर्जित कर आर्थिक रूप से समृद्ध बन सकें।