अल्मोड़ा। जिलाधिकारी ईवा आशीष श्रीवास्तव ने नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया (एनबीटी) द्वारा भगवती पैलेस में आयोजित सात दिवसीय पुस्तक मेले का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पुस्तकें सच्चे मित्र की भूमिका के साथ ही ज्ञान का अतुल भंडार होती हैं। प्रत्येक वर्ग को पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए, ताकि ज्ञान बढ़ सके।
उन्होंने कहा कि पुस्तक मेले में प्राचीन इतिहास, विज्ञान तकनीकी, साहित्य, लोक संस्कृति, संस्कृति, स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ीं पुस्तकें छात्र-छात्राओं और युवा पीढ़ी के लिए लाभदायक साबित होंगी। डीएम ने शिशु सदन, बाल संरक्षण गृह, नारी निकेतन, जिला पुस्तकालय और जिले के मॉडल स्कूलों के लिए अंटाइड फंड से पुस्तकें क्रय करने की स्वीकृति भी प्रदान की, ताकि बच्चों और लोगों को लाभ मिल सके।
डीएम ने बच्चों को जन्मदिन पर खिलौने भेंट न कर पुस्तकें भेंट करने की पंरपरा को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। ताकि बच्चों में पढ़ने की जिज्ञासा उत्पन्न हो। उन्होंने भारतीय पुस्तक न्यास के आयोजकों से कहा कि वह प्रदर्शनी में पाठकों के जिज्ञासा के अनुसार पुस्तकें क्रमानुसार रखें। उन्होंने कहा कि यहां की सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ाने के साथ-साथ पुस्तकों के प्रति बच्चों और अन्य पाठकों में रुझान बढ़ाने के लिए अभिनव प्रयोग किए जाएंगे। डीएम ने जिला पुस्तकालय के जीर्णोद्धार सहित अन्य कार्यों के लिए आगणन तैयार करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) को भी दिए।
भारतीय पुस्तक न्यास के सहायक निदेशक करण कुमार ने कहा कि ऐतिहासिक, साहित्यिक और शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी अल्मोड़ा में पुस्तक मेले के आयोजन से प्रेरणा मिलती है। प्रतिवर्ष इस तरह का आयोजन करने का प्रयास किया जाएगा। मेले में करीब दो हजार लेखकों की पुस्तकें प्रदर्शित की गई हैं। डीईओ (माध्यमिक) एचबी चंद ने कहा कि इस तरह के प्रयोगों से अध्ययन क्षेत्र को नया आयाम मिलेगा। प्रत्येक विद्यालय में छोटे-छोटे पुस्तकालय विकसित कर बच्चों को पुस्तकों के प्रति प्रेरित करने की कोशिश की जाएगी। विभु कृष्णा ने संचालन किया। नेशनल बुक ट्रस्ट में आईटी सेल के प्रमुख त्रिलोक रावत, दिनेश कुमार, डीईओ (प्रारंभिक) आरएस यादव आदि थे।
पुस्तकें सच्चे मित्र के साथ ही ज्ञान का भंडार: डीएम
एनबीटी का सात दिवसीय पुस्तक मेला शुरू