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बाल श्रम कराने में कठोर सजा का है प्रावधान

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अल्मोड़ा। जिले में इन दिनों बाल श्रम उन्मूलन टास्क फोर्स और श्रम विभाग द्वारा बाल श्रमिकों की स्थिति को लेकर सर्वे का काम चल रहा है। टीम द्वारा होटल, ढाबों, कार्यालयों और निर्माणाधीन भवनों में जाकर बाल श्रमिकों की स्थिति देखी जा रही है। यही नहीं टीम द्वारा सभी होटल, ढाबों, निर्माणाधीन भवनों के ठेकेदारों को इस बात के लिए आगाह भी किया जा रहा है कि वह बाल श्रम ना कराए।
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जिला श्रम अधिकारी आशा पुरोहित ने बताया कि छह से 14 वर्ष की उम्र के बच्चों को बाल श्रमिक और 14 से 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों को किशोर श्रमिक की श्रेणी में रखा गया है। किशोर श्रमिकों को खतरनाक कार्य नहीं कराए जा सकते हैं। जबकि गैर खतरनाक कार्य किशोर श्रमिक कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण का काम जून माह तक पूरा चलेगा। अभी तक बाल श्रम चिन्हित नहीं हुए हैं। अगर कहीं ऐसा मामला पाया जाएगा तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई भी की जाएगी। इसमें दो साल तक कठोर सजा का भी प्रावधान है। ब्यूरो
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