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अल्मोड़ा में औसतन छह से ज्यादा लोग हर रोज हो रहे घायल

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अल्मोड़ा। नगर में लोगों को बंदरों व लावारिस कुत्तों की समस्या निजात नहीं मिल पा रही है। अस्पतालों में हर रोज बंदरों व कुत्तों के काटने से घायल छह से अधिक लोग उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। पालिका द्वारा कुत्तों को पकड़कर उनके बधियाकरण करने के कवायद भी खानापूर्ति बनकर रह गई है। जिला अस्पताल में एंटी रेबीज के इंजेक्शन भी अब तीन दिन के लिए बचे हैं।

नगर में जहां एक ओर बंदर लोगों के घरों में घुसकर सामान उठा रहे हैं और कुछ कटखने बंदर लोगों पर हमला भी कर रहे हैं। इसके अलावा लावारिस कुत्ते कब किस का पैर पकड़ ले कहा नहीं जा सकता है। खासकर इन दिनों लावारिस कुत्तों का आतंक तो इतना ज्यादा बढ़ गया है कि स्कूल, ट्यूशन जाने वाले बच्चे भी अकेले जाने से डरने लगे हैं। गलियों, कलक्ट्रेट की सीढ़ियों, मालरोड और बाजार में जगह जगह पर बैठे लावारिस कुत्तों से लोगों को बचकर निकलना पड़ रहा है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में कुत्ते के काटने चार और बंदर के काटने का एक मामला सामने आया। इससे पहले तीन दिन पूर्व हुक्का क्लब निवासी राजा पांडे के 11 वर्षीय पुत्र नमन पांडे एक गली से नीचे सीढ़ियां उतरते समय एक कुत्ते ने काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। वहां खड़े लोगों ने बमुश्किल बच्चे को कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया।
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लोगों का आरोप है कि आवारा कुत्तों का बधियाकरण कर खानापूर्ति की जा रही है। जबकि उनको पकड़कर नगर से दूर करने की कोशिश की जानी चाहिए। जिला अस्पताल के स्टोर प्रभारी बीडी साह ने बताया कि अब केवल तीन दिन के लिए ही एंटी रेबीज के इंजेक्शन बचे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि लगातार पत्राचार के बाद देहरादून से एंटीरेबीज के दो सौ इंजेक्शन मंगा लिए गए हैं। जो दो तीन दिन के भीतर पहुंच जाएंगे। पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी का कहना है कि लावारिस कुत्तों का बधियाकरण किया जा रहा है। शासन से निर्देश हैं कि पकड़े गए कुत्तों का बधियाकरण करने के बाद उनको एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए जाएंगे।


दो माह में 365 लोगों को लग चुके है एंटी रेबीज के इंजेक्शन
जानवर अप्रैल मई
कुत्ते 155 143
बंदर 25 36
बिल्ली 03 03
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