अल्मोड़ा। रामकृष्ण कुटीर विवेकानंद कार्नर में आयोजित एक कार्यक्रम में विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का महत्व विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने बताया कि कैसे विद्यार्थी जीवन में अनुशासन के जरिये आदर्श जीवन को प्राप्त किया जा सकता है। वक्ताओं ने युवाओं से जीवन को समाज और देश के योगदान के लिए लगाने को कहा।
स्वामी ध्रुवेशानंद ने युवाओं से सरल और सादगी भरा जीवन जीने के साथ जीवन में सकारात्मक उद्देश्यों को लेकर आगे चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण जीवन के साथ देश और समाज में योगदान दिया जा सकता है। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा में सुखदेव और राजा जनक के जीवन से जुड़ी शिक्षा का भी उदाहरण दिया।
डॉ. चंद्र प्रकाश फुलोरिया ने कहा कि आदर्श जीवन को प्राप्त करने के लिए विद्यार्थी जीवन से ही अनुशासन में रहना जरूरी है। वीपीकेएस के वैैज्ञानिक डॉ. रमेश चंद्र पाल ने अनुशासन के माध्यम से शास्त्रीय शिक्षा अर्जित करने की बात कही। इससे पूर्व स्वामी विवेकानंद द्वारा दिए गए स्वदेश मंत्र के साथ ब्रह्मचारी रवि महाराज ने गोष्ठी की शुरुआत की।
संचालन नीरज भट्ट ने किया। इस मौके पर हिमानी, पूनम, क्षितिज, हर्षवर्धन, गणेश, इंद्र मोहन पंत ने विचार रखे। जबकि प्रताप सिंह भंडारी, हरिदत्त भट्ट, कुलदीप सिंह भंडारी, राखी वर्मा, किशोर, दिनेश मगरी समेत काफी संख्या में युवा और अभिभावक मौजूद थे।