रानीखेत (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड की उदीयमान धाविका गरिमा जोशी की हालत में अब धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। हालांकि वह अभी भी व्हील चेयर की सहायता से चल फिर रही हैं, एक माह पूर्व रीढ़ की हड्डी का आपरेशन होने के बाद अब टांके कट चुके हैं। वह व्हील चेयर के माध्यम से खेलों के अभ्यास में जुटी हुई हैं।
बता दें कि एक साल पूर्व गरिमा जोशी को बंगलूरू में अभ्यास के दौरान एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मारकर बुरी तरह से घायल कर दिया था, उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई, पांव अभी भी काम नहीं कर रहे हैं। दूसरी तरफ पिता पूरन जोशी का कहना है कि सरकार ने पहले सहयोग किया, 13 लाख 20 हजार रुपये की मदद के बाद सरकार मुकर गई, जबकि सरकार ने पूरा इलाज का आश्वासन दिया था।
इसी कारण गरिमा जोशी उत्तराखंड सरकार से नाराज हैं और उसने उत्तराखंड की तरफ से भविष्य में नहीं खेलने का निर्णय भी ले लिया है। गरिमा का इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर दिल्ली में उपचार चल रहा है। गत माह उसकी रीढ़ की हड्डी का पहला आपरेशन हुआ, अब टांके कट चुके हैं, फिलहाल स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। उसका आपरेशन हंस कल्चरल सेंटर के सहयोग से कराया गया। कई संस्थाएं और सामाजिक कार्यकर्ता भी समय समय पर गरिमा को सहयोग कर रहे हैं।