फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लावारिस जानवरों ने स्याल्दे के काश्तकारों की तोड़ी कमर

विज्ञापन
विज्ञापन
रानीखेत (अल्मोड़ा)। सुदूरवर्ती स्याल्दे क्षेत्र में भी लावारिस पशुओं ने काश्तकारों की नाक में दम कर दिया है। यहां पिछले चार पांच महीनों से दर्जनों लावारिस गायें और बैल घूम रहे हैं, जिन्होंने खेतों को अपना अड्डा बनाया हुआ है। मौसम की मार झेल रहे काश्तकार पहले ही परेशान हैं, रही सही कसर अब लावारिस जानवर पूरी कर रहे हैं। जानवरों के डर से कई लोग पूर्व में खेतों को बंजर रखने को भी मजबूर हुए हैं।
विज्ञापन


स्याल्दे के तलहटी क्षेत्र में जसपुर, पैथना, केहड़गांव, छियाड़ी और अन्य आसपास के ग्रामीणों के खेत हैं। ग्रामीणों ने इन दिनों यहां अनाज बोया हुआ है, मौसम और ओलावृष्टि की पहले ही काश्तकारों को मार पड़ चुकी है। अब लावारिस जानवर बची खुची फसल रौंद रहे हैं।

जानवरों की डर से कुछ काश्तकारों ने पूर्व में आजीविका परियोजना के तहत खेतों में तारबाड़ भी की हुई है, उनके खेत कुछ हद तक सुरक्षित हैं, लेकिन अधिकांश ग्रामीणों के खेतों में सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने के कारण जानवर फसल तबाह कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया पूर्व में छह माह तक आंदोलन करने के बाद प्रशासन ने कुछ जानवरों को गो सदन भेजा था, लेकिन फिर से अब वही हालात उत्पन्न हो गए हैं। एसडीएम को ज्ञापन भेजने वालों में पूर्व प्रमुख गंगा पंचोली, चंपा देवी, चंद्रा जोशी, महेश चंद्र रिखाड़ी, दिगंबर सिंह, हंसी देवी सहित तमाम ग्रामीण शामिल थेे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें