अल्मोड़ा। जिले के विभिन्न इलाकों में तेंदुओं के आतंक और हमलों से बचने के लिए वन विभाग लोगों के बीच जागरूकता कार्यक्रम चलाएगा ताकि तेंदुओं के हमलों से लोगों की जान नहीं जा सके और भय का वातावरण भी न बने। उन्होंने कहा कि तेंदुओं से संघर्ष के बजाय इस हिंसक जानवर से बचाव के तरीके खोजना ही उचित होगा।
हाल ही में दोबारा अल्मोड़ा वन प्रभाग के डीएफओ का पद भार संभालने के बाद पंकज कुमार ने पत्रकारों को बताया कि वह तेंदुए, बंदर और सुअर आदि जंगली जानवरों की समस्या से निपटने पर खास ध्यान देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि तेंदुए हमारे आसपास ही रहते हैं।
यह हिंसक जानवर लोगों पर कभी भी हमला कर सकता है। ऐसे में लोगों को इससे बचाव के तरीके अपनाने पड़ेंगे। इसके लिए वन विभाग लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाएगा। लोगों को गांवों के आसपास झाड़ियां साफ रखने को कहा जाएगा ताकि तेंदुए को छिपने का स्थान नहीं मिले। इसके अलावा किसी इलाके में तेंदुआ बार-बार दिखाई दे तो वहां पटाखे जलाकर उसे भगाया जा सकता है। गांवों में बच्चों और वृद्धजनों को अकेले निकलने से बचना होगा और घरों के आसपास रोशनी करनी होगी।
डीएफओ ने यह भी कहा कि जंगली सुअर और बंदरों से फसल को बचाने के लिए वैज्ञानिकों और अन्य कृषि विशेषज्ञों की राय लेकर गांवों में ऐसी फसलें उगाने का सुझाव दिया जाएगा, जिन्हें सुअर और बंदर कम से कम नुकसान पहुंचा सकें। कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा शुरू किए गए कोसी पुनर्जनन अभियान के तहत वन विभाग पौधरोपण के साथ ही उनकी सुरक्षा पर भी ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि कोसी जल संग्रहण क्षेत्र में चाल, खाल, खंती आदि का निर्माण भी किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि वह जल्द ही लीसा व्यवसाय से जुड़े लोगों की भी बैठक बुलाएंगे और उनकी समस्याओं का निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा।