अल्मोड़ा। जिले में प्रारंभिक शिक्षा विभाग में फर्जी प्रमाण पत्रों से नियुक्त पाने वाले सल्ट विकासखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय भीताकोट (सिराली बूढ़ाकोट) में तैनात प्रधानाध्यापक खवानी सिंह को निलंबित कर दिया गया है। एसआईटी की जांच में प्रधानाध्यापक के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं। निलंबित शिक्षक को उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय (प्रारंभिक शिक्षा) सल्ट से संबद्ध करने के आदेश जारी किए गए हैं। डीईओ ने उप शिक्षा अधिकारी सल्ट गीतिका जोशी को निलंबित प्रधानाध्यापक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए हैं। इसकी भनक लगने पर निलंबित प्रधानाध्यापक गत पांच जुलाई से विद्यालय नहीं आ रहा है।
खवानी सिंह मूल निवासी मकान नंबर-36 मोहल्ला औरंगाबाद उर्फ सिकंदपुर थाना शिवाला कला तहसील चांदपुर (बिजनौर) उत्तर प्रदेश को 25 मई 1996 अल्मोड़ा जिले में शिक्षक के पद पर नियुक्ति मिली। वर्तमान में खवानी सिंह सल्ट विकासखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय भीताकोट (सिराली बूढ़ाकोट) में प्रधानाध्यापक पद पर तैनात था। किसी व्यक्ति ने शिक्षा विभाग से शिकायत की कि खवानी सिंह ने फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे शिक्षक की नौकरी पाई है। शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच एसआईटी हल्द्वानी से करवाई।
एसआईटी द्वारा कराई गई जांच में प्रधानाध्यापक खवानी सिंह के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) आरएस यादव ने फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर विभाग में नियुक्त पाने के कारण प्रधानाध्यापक खवानी सिंह को निलंबित कर दिया है और उन्हें उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय प्रारंभिक शिक्षा सल्ट से संबद्ध करने के आदेश जारी किए हैं। पत्र में कहा गया है कि निर्धारित प्राविधानों के अनुुसार निलंबित प्रधानाध्यापक को आधा वेतन देय होगा। साथ ही निलंबित प्रधानाध्यापक को इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा कि वह अन्य व्यवसाय नहीं कर रहा है।