अल्मोड़ा। एसएसजे परिसर अल्मोड़ा में बीएससी द्वितीय सेमेस्टर के अनेक छात्र-छात्राओं ने दो से अधिक विषयों में अनुत्तीर्ण होने के बाद सभी विषयों की परीक्षा दोबारा देने के आदेश को गलत ठहराते हुए दूसरे दिन भी धरना दिया और परिसर और विवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में आंदोलनकारी कुछ छात्र परिसर निदेशक के कक्ष में घुस गए और वहीं पर धरना देने की बात कहने लगे। इस पर परिसर प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ी। छात्रों की परिसर प्रशासन के अधिकारियों के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई।
आंदोलनकारी छात्रों का कहना था कि बीएससी द्वितीय सेमेस्टर में दो विषयों से अधिक में अनुत्तीर्ण हुए छात्र-छात्राओं के लिए सभी प्रश्नपत्रों की परीक्षा दोबारा देने का आदेश उचित नहीं है।
छात्र-छात्राओं की जिन विषयों में बैक आई है वह उन्हीं विषयों की परीक्षा देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सुधार परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में भी गड़बड़ियां की गई हैं। जबकि परिसर प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि नियमों के मुताबिक दो से अधिक विषयों में फेल छात्रों को सभी विषयों की परीक्षा दोबारा देनी होगी। यह नियम पूरे विवि के छात्रों के लिए लागू है, लेकिन आंदोलनकारी छात्र नहीं माने। बाद में कुछ छात्र परिसर निदेशक के कक्ष में घुस गए और उनकी निदेशक प्रो.आरएस पथनी से तीखी नोकझोंक हुई।
हंगामा बढ़ता देख परिसर प्रशासन ने पुलिस को बुला लिया। पुलिस ने छात्रों को समझाकर परिसर निदेशक के कक्ष से बाहर भेज दिया। छात्रों का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन करने वालों में छात्रसंघ सचिव आशीष पंत, देवाशीष धानिक, पंकज रावत, अक्षय कुमार, मनीषा वर्गली, शालिनी परगाई, शंकर खेतवाल, ज्योति मेहरा, नवल बिष्ट, दीपक मेहता आदि थे। इससे पहले उक्त लोगों के अलावा छात्र संघ अध्यक्ष सुनील सिंह कठायत, राहुल खोलिया आदि धरने पर बैठे।