अल्मोड़ा। दुष्कर्म के मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने सोमेश्वर तहसील के एक गांव निवासी आरोपी जगदीश राम पुत्र गोविंद राम को धारा 376, 363 में दोषी पाया है। न्यायालय ने आरोपी को सजा सुनाने के लिए 27 फरवरी की तिथि तय की है।
28 जुलाई 2018 को रात नौ बजे पीड़िता शौच करने बाहर आई थी। गांव का ही एक व्यक्ति जगदीश राम उसका जबरदस्ती हाथ पकड़कर अपने जानवरों को रखने वाले कमरे में ले गया। वहां पर आरोपी ने पीड़िता का मुंह दुपट्टे से बांधा। उसके चिल्लाने पर पीड़िता की नानी आई और कमरा खोल पीड़िता को छोड़ने को कहा। जगदीश राम ने दरवाजा खोल पीड़िता की नानी को धक्का दिया और पीड़िता को जंगल की ओर ले गया। परिजन रातभर और दूसरे दिन उसकी खोजबीन करते रहे, कहीं उसका कोई पता नहीं चला।
30 जुलाई 2018 को जब पीड़िता की नानी मामले की रिपोर्ट सोमेश्वर थाने में लिखाने के बाद लौट रही थी तो सोमश्वर चौराहे पर पीड़िता और उसके मामा मिले। फिर पीड़िता को पुन: थाने ले गए। थाने में पीड़िता ने बताया कि जगदीश राम उसे बहला फुसलाकर और जबरदस्ती जंगल में ले लगा और उसके साथ शारीरिक संबंध स्थापित किए।
विवेचनाधिकारी ने विवेचना पूर्ण कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। अभियोजन की ओर से आठ गवाह विशेष सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में परीक्षित कराए गए। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गिरीश कुमार फुलारा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) शेखर चंद्र नैल्वाल, विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी ने प्रभावी पैरवी की। निर्भया प्रकोष्ठ की अधिवक्ता अभिलाषा तिवारी ने भी सहयोग दिया। न्यायालय में आरोपी पर दोष सिद्ध हुआ।