अल्मोड़ा। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय इंटर कालेज मनान में आयोजित कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर की परिधि में तंबाकू उत्पादों की बिक्री करना और 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचना दंडनीय अपराध है।
कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डा. सविता ह्यांकी ने कहा कि धूम्रपान नहीं करने वाले के सामने कोई धूम्रपान करे तो नहीं करने वाले को भी नुकसान पहुंचता है।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. योगेश पुरोहित ने कहा कि तंबाकू के सेवन से विश्व की बड़ी आबादी बीमारी, विकलांगता और मौत का शिकार हो रही है। तंबाकू देश की जनता के लिए खतरनाक चुनौती और महामारी का कारण बना हुआ है। उन्होंने बताया कि भारत विश्व में दूसरा सबसे बड़ा तंबाकू उत्पादक और उपभोक्ता देश है। भारत में तंबाकू का प्रयोग गुटका, पान मसाला, खैनी, सिगरेट, सिगार, जर्दा आदि के रूप में किया जाता है। भारत में प्रति वर्ष तंबाकू सेवन से लगभग दस लाख लोगों की मौत होती है। तंबाकू के सेवन से कैंसर, लकवा, हृदय रोग, खांसी, क्षय रोग, अस्थमा, मोतियाबिंद, नपुंसकता, असामान्य रक्तचाप, असामान्य हृदय गति, संकीर्ण रक्त नालिका आदि दिक्कतें आती हैं। इस मौके पर डा. ललिञ पांडेय, भारत कुमार, सतीश चंद्र सती, सुंदर जीना आदि मौजूद थे।