लमगड़ा ब्लॉक के करीब 38 गांवों को पेयजल संकट से जल्द निजात मिलने की उम्मीद नहीं हैं। बजट के अभाव में योजना का निर्माण गति नहीं पकड़ पा रहा है। 14.74 करोड़ लागत की कपिलेश्वर-बानड़ीदेवी पंपिंग पेयजल योजना के लिए शासन से जल निगम निर्माण शाखा अल्मोड़ा को मात्र सात करोड़ रुपये ही मिले हैं, जबकि यह काम अप्रैल में पूरा हो जाना चाहिए था।
लमगड़ा ब्लॉक के गांवों में सालभर पेयजल संकट बना रहता है। खासकर सत्यों, उल्सेटी, रालाकोट, गंगापानी, सिमल्टी, उरेगी, ऐंचोली, जोशीधूरा, तोली, गौना, फरसों, अनरियाकोट, उज्यौला, ढौरा, तुलेड़ी, ठाट, ढैली, टकोली समेत 38 गांवों में गंभीर पेयजल संकट रहता है। गरमी के सीजन में लोगों की परेशानी बढ़ जाती है।
जल संकट से निजात दिलाने के लिए कांग्रेस सरकार ने 14.74 करोड़ लागत से कपिलेश्वर-बानड़ीदेवी पंपिंग योजना मंजूर की थी। इस योजना का निर्माण कार्य गत अप्रैल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन पेयजल योजना का काम काफी धीमी गति से चल रहा है। यह योजना कपिलेश्वर से बनाई जा रही है। पानी की आपूर्ति करने के लिए चार स्थानों पर पंपिंग स्टेशन स्थापित होने हैं।
कपिलेश्वर में आईवैल, पेयजल पंप लगना है। इसके अलावा पानी लिफ्ट करने के लिए सत्यों, सिमल्टी और सैंज में भी पंपिंग हाउस स्थापित होने हैं। हालांकि विभाग ने इन स्थानों तक पेयजल लाइन डाल दी है और पंपिंग स्टेशनों के लिए भवनों का निर्माण कर सिविल कार्य पूरा कर लिया है पर अब तक पंप स्थापित नहीं हो सके हैं, वहीं लाभान्वित होने वाले गांवों के लिए पंपिंग स्टेशनों से डिस्ट्रीब्यूशन लाइनें भी डाली जानी शेष हैं। जिससे चालू गरमी के सीजन में भी इन गांवों का जल संकट दूर नहीं होगा।