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वैध करार के बगैर चल रहा है हार्ट केयर सेंटर

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अल्मोड़ा। बेस अस्पताल में नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के सहयोग से चल रही कुमाऊं का एकमात्र हार्ट केयर सेंटर के करार को आगे बढ़ाने के बारे में प्रदेश सरकार ने आज तक कोई फैसला नहीं किया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी फिलहाल नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट से मौखिक तौर पर ही हार्ट केयर सेंटर को बंद नहीं करने का आग्रह कर रहे हैं, लेकिन लिखित रूप में कोई पत्र जारी नहीं किया गया है। एक अप्रैल के बाद से यह सेंटर बगैर वैध करार के ही चल रहा है।
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इधर अब नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ.ओपी यादव ने शासन को पत्र लिखकर इस बारे में शीघ्र फैसला करने का आग्रह किया है। दूसरी तरफ विधानसभा उपाध्यक्ष और विधायक रघुनाथ सिंह चौहान ने कहा है कि फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था होने तक हार्ट केयर सेंटर को बंद नहीं होने दिया जाएगा।

बता दें कि कई साल पहले हुई घोषणा के बाद पिछले साल प्रदेश सरकार और नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के सीईओ डॉ.ओपी यादव के बीच अल्मोड़ा के बेस अस्पताल में हार्ट केयर सेंटर खोलने के लिए करार हुआ। करार के तहत नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट की ओर से कार्डिएक यूनिट में दो हृदय रोग विशेषज्ञ, नर्स और तकनीकी स्टाफ समेत सात कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई।
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मशीनें और अस्पताल आदि की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई जबकि डॉक्टरों और अन्य स्टाफ का वेतन राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। यह भी बता दें कि अल्मोड़ा सहित पूरे संसदीय क्षेत्र के चार जिलों में हृदय रोगियों के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। जिससे हार्ट केयर सेंटर खुलने से लोगों को काफी राहत मिली है।

हार्ट केयर सेंटर के अनुबंध की अवधि दिसंबर 2017 में समाप्त हो गई थी, लेकिन लोगों की प्रबल मांग पर सरकार ने अनुबंध को तीन माह (31 मार्च) तक बढ़ाया। इस अवधि को समाप्त हुए 24 दिन बीत चुके हैं लेकिन आज तक सरकार ने हार्ट केयर सेंटर को आगे संचालित करने अथवा बंद करने के बारे में कोई फैसला नहीं लिया है। नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ.ओपी यादव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कई बार पूछा गया है, लेकिन वह जल्द पत्र जारी करने की बात करते हुए मौखिक तौर पर सेंटर को चलाते रहने का आग्रह कर रहे हैं।

डॉ. यादव ने बताया है कि उन्होंने सोमवार को शासन के संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर इस बारे में शीघ्र निर्णय करने का आग्रह किया है ताकि वह सेंटर को आगे चलाने अथवा बंद करने के बारे में फैसला ले सकें। इधर अल्मोड़ा के विधायक और विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने कहा है कि इस बारे में उनकी स्वास्थ्य विभाग के डीजी से बात हुई है और वैकल्पिक व्यवस्था होने तक हार्ट केयर सेंटर को बंद नहीं होने दिया जाएगा।
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