इंफेक्शन और निमोनिया से हुई तेंदुओं की मौत
अल्मोड़ा। नगर के विवेकानंदपुरी वार्ड से तीन जून को रेसक्यू के दौरान पकड़ी गई मादा तेंदुआ और अन्य जगह से लाए गए तीन शावक तेंदुए में से दो शावकों की मृग विहार में हुई मौत के बाद से वन महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मादा तेंदुए की मौत की वजह इंफेक्शन होना और दो शावकों की मौत निमोनिया से होना बताया गया है। वन विभाग अब बचे हुए एक अन्य शावक की जान बचाने की भरपूर कोशिशों में लगा हुआ है, लेकिन इधर तीसरे शावक ने भी बाहर का दूध पीना छोड़ दिया है।
वन विभाग की टीम ने तीन जून को विवेकानंदपुरी वार्ड से छह साल की एक मादा तेंदुआ को पकड़ा था। पैर में इंफेक्शन और शरीर की खाल निकलने के कारण मादा तेंदुए का रेसक्यू सेंटर में इलाज चल रहा था। इसी दौरान सूचना मिलने पर वन कर्मियों ने उसी क्षेत्र से तेंदुए के तीन शावकों को भी पकड़ा जो कि करीब डेढ़ माह के थे। वन कर्मचारियों ने तीनों शावकों को भी एनटीडी स्थित रेसक्यू सेंटर में डाक्टरों की निगरानी में रखा। मृग विहार के वन क्षेत्राधिकारी चंद्र राम ने बताया कि शावक चार पांच दिन तक ठीक थे, लेकिन 15 जून की सुबह एक शावक ने दम तोड़ दिया। उसी रात माता तेंदुआ और एक अन्य शावक ने भी दम तोड़ दिया। इधर एक ही दिन में मादा तेंदुआ और दो शावकों की मौत से वन महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। अब वन कर्मचारी और स्वास्थ्य टीम तीसरे बचे हुए शावक को बचाने की कोशिशों में लगे हैं। वन क्षेत्राधिकारी चंद्र राम ने बताया कि बीते अप्रैल में गधोली से रेसक्यू कर लाए गए तेंदुए के पैरों में भी घाव है, फिलहाल उसका उपचार किया जा रहा है। अभी एनटीडी स्थित मृग विहार में पांच नर और चार मादा समेत नौ तेंदुए हैं। डीएफओ के अनुसार पिछले तीन साल में रेसक्यू कर लाए गए तेंदुओं में से छह तेंदुओं की बीमारी के कारण मौत हो चुकी है।