द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। विपिन त्रिपाठी कुमाऊं इंजीनियरिंग कालेज से संबद्ध धरमगांव समूह पेयजल योजना से जुड़े मल्लीमिरई क्षेत्र के गांवों में पिछले एक सप्ताह से पेयजल संकट बना हुआ है। जिसके चलते ग्रामीणों में भरी आक्रोश व्याप्त है। शीघ्र समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
बताते चलें कि इस योजना से मल्ली मिरई के तोक मायापुरी, भौंरा, डढोली, गौचर और धरमगांव सहित कई इलाके जुड़े हुए हैं। इन क्षेत्रों में पिछले एक हफ्ते से पानी की बूंद नहीं टपकी है, जिसके चलते ग्रामीण परेशान हैं। लोग दूर दराज के गधेरों से पानी ढोने को विवश हो रहे हैं। ठंड के मौसम में पानी की समस्या से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। कहा कि विभाग ने अभी तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया है।
जून माह में ब्लाक मुख्यालय पर आमरण अनशन किया गया था, तब विभाग ने चार पाइप बदल कर इतिश्री कर दी। इस बीच गौचर स्थित शिक्षण संस्थान, सरकारी आवासीय कालोनी, कालेज छात्रावास और योजना से संबद्ध धरमगांव समूह पेयजल योजना से जुड़े ग्रामीण गधेरों और दूर दराज के क्षेत्रों से पानी लाने को मजबूर हो रहे हैं। ग्रामीणों की बैठक में पूर्व ज्येष्ट प्रमुख चंदन नेगी, विरेंद्र बजेठा, मनोज अधिकारी, मोहन रावत, धनुली देवी, प्रधान दीप मठपाल, अनीता बजेठा, श्याम कुमार, हरीश आर्या ने तत्काल पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।
सुरईखेत क्षेत्र में भी 10 दिनों से नहीं आ रहा पानी
द्वाराहाट। गनोली-बावन सुरईखेत क्षेत्र में भी पिछले 10 दिनों से पानी की आपूर्ति ठप है। यहां नैथना देवी पेयजल योजना से आपूर्ति होती है। बताया गया है कि योजना से हफ्ते में सिर्फ दो बार पानी दिया जा रहा था, लेकिन 10 दिनों से आपूर्ति ठप है। यहां पानी के स्रोत भी नहीं हैं, जिसके चलते ग्रामीणों के समक्ष भारी दिक्कतें हैं। राज्य आंदोलनकारी कैलाश फुलारा ने जल संस्थान से अतिशीघ्र योजना से पेयजल आपूर्ति कराने की मांग उठाई है।