बागेश्वर। जिले में साल दर साल कुत्ते और बंदरों के काटने के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज हो रही है। कुत्ते और बिल्ली के काटने से लोगों में रैबीज का खतरा बना रहता है।
जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में बीते दो साल में 1212 मामले उपचार के लिए पहुंचे जिनका चिकित्सकों ने उपचार किया है। जिले के तीनों सीएचसी, 29 पीएचसी और जिला अस्पताल में इन जानवरों के काटने पर उपचार किया जाता है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में 540 और वर्ष 2024-25 में 672 मामले दर्ज किए गए जिनका उपचार किया गया। जबकि साल 2025-26 में अब तक दो महीने में 205 मामलों का उपचार किया जा चुका है। जिसके लिए सभी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयुष्मान आरोग्य मदिरों में तैनात सीएचओ ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होने वाले शिविरों में ग्रामीणों को रैबीज के लक्षणों और बचाव के बारे में जागरूक कर रहे हैं।