रानीखेत (अल्मोड़ा)। भिटारकोट गांव के लिए निर्माणधीन पेयजल योजना की पाइप लाइनें खुली छोड़ दी गईं हैं। जबकि इस संबंध में पूर्व में खबर प्रकाशित होने के बावजूद विभागीय अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। ग्रामीणों का कहना है कि नाप भूमि के खेतों में भी पाइप लाइनों को खुले में डाला गया है। जिससे इन पाइप लाइनों के कभी भी क्षतिग्रस्त होने की संभावना है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पाइप लाइनों को व्यवस्थित नहीं किया गया तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे।
मालूम हो कि भिटारकोट गांव के लिए जल निगम द्वारा पास के ही गधेरे से पेयजल योजना का निर्माण किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पाइप लाइन आम रास्तों, खेतों और गधेरों में खुले में छोड़ दी गई हैं। कहा कि आम रास्तों और खेतों में पाइप लाइनें खुली में होने के कारण तमाम तरह की दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है, इससे पाइप लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो सकती हैं।
कहा कि जब अधिकारियों और ठेकेदार को कार्य ठीक से करने को कहा गया तो ग्रामीणों को लाइन डालने का कार्य बंद करने की चेेतावनी दी जा रही है। कहा कि यदि समय रहते लाइन का कार्य व्यवस्थित नहीं किया गया तो जिलाधिकारी कार्यालय में ग्रामीण आंदोलन शुरू कर देंगे।