लखुडियार गुफा में जाने का रास्ता।
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अल्मोड़ा से करीब 15 किमी दूर पेटशाल के निकट लखुडियार में प्रागैतिहासिक युग के मानव द्वारा बनाए गए दुर्लभ शैल चित्र बर्बाद होने की कगार पर हैं। जिस गुफा में यह शैल चित्र बने हैं वह पूरी तरह से खुली है और बरसात का पानी रिसकर अंदर पहुंचता है जिससे शैल चित्र खराब होने लगे हैं। यदि शैल चित्रों को संरक्षित नहीं किया गया तो मानव इतिहास से जुड़ी यह अनूठी कृति कहीं कहानी बनकर न रह जाए। पुरातत्व विभाग ने इस गुफा के संरक्षण की योजना बनाकर भारत सरकार को भेजी है लेकिन अभी तक इसे मंजूरी नहीं मिली है।
बता दें कि प्रागैतिहासिक काल में जब मानव गुफाओं में निवास करता था तब के मानव द्वारा बनाए गए शैल चित्र दुनिया में कई स्थानों पर पाए जाते हैं। लखुडियार की गुफा में बने शैल चित्र भी काफी दुर्लभ माने जाते हैं। अब तक देश-विदेश के कई विद्वान इस पर शोध कर चुके हैं। पुरातत्व विभाग ने इस महत्वपूर्ण धरोहर को सुरक्षित रखने के लिए आज तक ठीक व्यवस्था नहीं की है।
गुफा पूरी तरह से खुली है और बरसात में बारिश रिसकर भीतर तक पहुंचता है जिससे धीरे-धीरे शैल चित्रों को नुकसान पहुंच रहा है। कुछ शैल चित्र खराब भी हो चुके हैें और उनका रंग बदलने लगा है। इस गुफा के बाहर एक स्थान पर गेट बना हुआ है जिस पर शाम को ताला लगा दिया जाता है लेकिन बाउंड्री वॉल नहीं होने के कारण लोग आसानी से गुफा तक पहुंच जाते हैं। कुछ लोग गुफा के ऊपर बैठकर पिकनिक भी मनाते हैं और यहां तमाम तरह के कूड़ा आदि भी बिखरा रहता है।