धौलछीना(अल्मोड़ा)। ग्रामीण इलाकों में जंगली जानवरों ने किसानों की नाक में दम कर रखा है। बिना मौसम बारिश और ओलावृष्टि के बाद किसानों की बची-खुची फसल को बंदर और जंगली सुअरों ने नष्ट कर दिया है। जंगली जानवरों ने तल्ला लखनपुर, मल्ला लखनपुर समेत रीठागाड़ क्षेत्र के कई गांवों में गेहूं, सरसों, मसूर के अलावा सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचा दिया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगली जानवरों से निजात दिलाने और बर्बाद फसलों का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
दियारी गांव के किसान हरीश सिंह रावत, भवान सिंह, गोधन सिंह, शेर सिंह आदि ने बताया कि सुअरों ने फसल को बर्बाद कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस साल सब्सिडी में आलू का बीज नहीं मिलने से वह लोग महंगे दामों में आलू खरीदने को मजबूर हुए।
आलू उगने से पहले जानवर खेत खोद दे रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि रात को कनस्तर बजाकर जंगली जानवरों को भगाना पड़ रहा है। उसके बावजूद भी किसानों की खेती को जानवर काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं। काश्तकार नीमा देवी, मंजू देवी ने बताया कि इस बार जानवरों ने रबी की फसल को काफी नुकसान पहुंचा दिया है। उन्होंने बताया कि डीएफओ समेत कई उच्चाधिकारियों के माध्यम से कारगर नीति बनाने की मांग सरकार को भेजी थी, लेकिन आज तक सुअर रोधी दीवार और तारबाड़ आदि उपाय तक नहीं हो सके।