अल्मोड़ा। भारत छोड़ो आंदोलन की 76वीं वर्षगांठ पर ऐतिहासिक जेल में राष्ट्रीय स्वतन्त्रता संग्राम आंदोलन में सक्रिय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को याद किया गया और श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने कहा कि नौ अगस्त, 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत हुई थी। पूरे देश में नौजवानों ने इस आंदोलन में बढ़चढ़ कर भागीदारी की। इस मौके पर जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने कहा कि ऐतिहासिक जेल को पर्यटन सर्किट से जोड़ने का प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक जेल में अनेक विभूतियों ने गिरफ्तारी देकर स्वतंत्रता आंदोलन को आगे बढ़ाया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अल्मोड़ा के लिए पर्यटन प्लान स्वीकृत किया गया है। जिसमें ऐतिहासिक जेल में स्थित नेहरू वार्ड को पर्यटन सर्किट से जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम में पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, पूर्व विधायक मनोज तिवारी, केवल सती, डॉ. डीएस नेगी, डॉ.जेएस मेहता, डॉ. जेसी दुर्गापाल, बंशीलाल कक्कड़ ने भी विचार रखे।
इससे पूर्व सभी ने नेहरू वार्ड में जाकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, गोविंद बल्लभ पंत, हर गोविन्द पंत, विक्टर मोहन जोशी, खान अब्दुल गफ्फार खान आदि के चित्रों पर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम में चंदन लाल टम्टा, देवाशीष नेगी, विनीत बिष्ट, श्याम पांडे, पूरन रौतेला, गिरीश पंत, नवीन जोशी, किरन पंत, एसडीएम विवेक राय, प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर मनीष बिष्ट, जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे, जेल अधीक्षक अशोक कुमार, मेघराज सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन गिरीश मलहोत्रा ने किया। इससे पूर्व सुबह शहीद स्मारक शिखर तिराहे और लक्ष्मेश्वर शहीद स्मारक में भी श्रद्धाजंलि कार्यक्रम किया गया। वहीं गांधी पार्क से जिला कारागार तक हेरिटेज वॉक भी हुई।