अल्मोड़ा। सरकारी विद्यालयों में सोमवार से मासिक परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। प्रश्न पत्रों में कोई खामियां नहीं हों इसके लिए इस बार शासन ने एनसीईआरटी द्वारा बनाए गए प्रश्न पत्र भेजे गए थे, लेकिन एनसीईआरटी द्वारा बनाए गए प्रश्न पत्रों में भी काफी खामियां सामने आई हैं। जिससे परीक्षा कराने वाले शिक्षकों के साथ ही छात्र-छात्राएं असमंजस में रहे। कक्षा तीन से आठवीं तक हिंदी के लिखित प्रश्न पत्र में दो-दो सवाल मौखिक पूछ दिए गए हैं। वहीं कक्षा छह के विज्ञान प्रश्न पत्र का दूसरा सवाल पंद्रहवें अध्याय से पूछ दिया गया है, जबकि अभी मात्र एक माह कक्षाएं संचालित हुई हैं।
शासन ने कक्षा तीन से पांच तक हिंदी, गणित, अंग्रेजी और कक्षा छह से आठ तक हिंदी, गणित, अंग्रेजी और विज्ञान की मासिक परीक्षाओं की कापियां दूसरे विद्यालयों द्वारा जांची जानी हैं, लेकिन हिंदी के कक्षा तीन के सवाल तीन में कहानी अथवा लोक कथा सुनाने, प्रश्न पांच में कक्कू कविता पढ़ने, कक्षा चार में प्रश्न तीन में मन के भोले बादल कविता वाचन करने, कक्षा पांच के प्रश्न तीन में शिक्षक विद्यार्थियों पिछले साल के पाठ का एक अंश पढ़ने, कक्षा छह के प्रश्न एक में कथा या लोककथा सुनाने, प्रश्न दो में कविता का उच्चारण पढ़ने, कक्षा सात और कक्षा आठ में प्रश्न एक में पिछली कक्षा की कविता सुनाने, प्रश्न दो में पिछली कक्षा की कहानी सुनाने को कहा गया है।
वहीं कक्षा छह के विज्ञान के प्रश्न पत्र में दूसरा सवाल अध्याय 15 से पूछ दिया गया है, जबकि अभी नया सत्र शुरू हुए एक माह ही हुआ है। पंद्रहवां अध्याय अब तक नहीं पढ़ाया गया है। लिखित हिंदी के प्रश्न पत्र में मौखिक सवाल पूछे जाने से शिक्षकों के साथ ही असमंजस में रहे। हालांकि कुछ विद्यालयों में शिक्षकों ने मौखिक पूछे गए सवालों को बच्चों से लिखित में हल करवाया है।