अल्मोड़ा। जिले का एकमात्र महिला अस्पताल लंबे समय से स्त्री रोग विशेषज्ञ की कमी से जूझ रहा है। यहां केवल स्थायी तौर पर एक स्त्री रोग विशेषज्ञ महिला डॉक्टर तैनात है। स्वास्थ्य विभाग ने भी गर्भवती महिलाओं को देखने की जिम्मेदारी संविदा में तैनात दो डॉक्टरों के अलावा दो ईएमओ पर छोड़ रखी है। व्यवस्था बनाने के लिए बेस अस्पताल से तीन महिला डॉक्टरों को यहां तैनात किया गया था, लेकिन यह तीनों भी अवकाश पर चली गई हैं। मंगलवार को अमर उजाला की टीम महिला अस्पताल पहुंची तो अस्पताल में डॉक्टरों का टोटा नजर आया। संविदा पर तैनात दो डॉक्टर ओपीडी देख रही थीं। जबकि दो ईएमओ माहवार मरीजों की रिपोर्ट तैयार करने में जुटी हुई थीं। महिला विशेषज्ञों की कमी के कारण मौजूद डॉक्टरों को दिन में डबल शिफ्ट में काम करना पड़ रहा है। बेस अस्पताल से संबद्ध तीन महिला डॉक्टर भी लंबे अवकाश पर हैं। एक हफ्ते पहले महिला डॉक्टरों की कमी के कारण ओपीडी पूरी तरह प्रभावित हो गई थी। कई बार गर्भवती महिलाओं को देखने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं होने से उन्हें रेफर करना मजबूरी हो जाता है। पिछले दो माह में 18 गर्भवती महिलाओं को रेफर करना पड़ा है। अस्पताल में हर रोज 100 से 130 ओपीडी होती है। मंगलवार को भी ओपीडी 81 तक पहुंची। ओपीडी के अलावा गर्भवती महिलाओं के आपरेशन, भर्ती कक्षों में प्रसूताओं का नियमित चैकअप आदि करने के लिए करीब छह महिला डॉक्टर चाहिए।
जिला अस्पताल में ईएनटी सर्जन का पद खाली
अल्मोड़ा। इधर जिला अस्पताल में व्यवस्थाएं थोड़ा दुरुस्त मिलीं, लेकिन ईएनटी विशेषज्ञ का पद यहां भी खाली है। व्यवस्था के तौर पर बेस अस्पताल के ईएनटी सर्जन यहां हफ्ते में दो दिन मरीजों को देखने पहुंचते हैं। जिला अस्पताल में मंगलवार को ओपीडी 220 पहुंच चुकी थी। अधिकांश मरीजों को डॉक्टर उपलब्ध रहे।
कोट-
डॉक्टरों की कमी से महिला अस्पताल में व्यवस्था प्रभावित हो रही है। डॉक्टरों की कमी पूरी करने को निदेशालय को रिपोर्ट भेजी गई है।
प्रभारी सीएमएस डॉ. दीपक गर्ब्याल। महिला अस्पताल अल्मोड़ा।