अल्मोड़ा। अल्मोड़ा नगर और आसपास की करीब एक लाख की आबादी को पानी की आपूर्ति करने वाली कोसी पंपिंग योजना से लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। वर्तमान में प्रतिदिन 18 एमएलडी पानी की जरूरत है लेकिन सिर्फ 8.5 एमएलडी पानी उपलब्ध हो पा रहा है। तेजी से बढ़ रही आबादी को देखते हुए अल्मोड़ा के लिए नई योजना का निर्माण होना जरूरी माना जा रहा है। जल निगम ने इसके लिए पहले चरण में 30 करोड़ लागत से एक योजना का प्रस्ताव शासन को भेजा है लेकिन इसे आज तक मंजूरी नहीं मिली है।
अल्मोड़ा नगर के लिए 2001 में नई पंपिंग योजना का निर्माण किया गया था। पिछले एक दशक में अल्मोड़ा और आसपास के क्षेत्रों में आबादी का तेजी से विस्तार हुआ है लेकिन पानी की उपलब्धता पहले से भी कम हो गई है। पेयजल लाइनों की हालत भी अब खराब होने लगी है जिससे लाइन बार-बार फट जाती है और आपूर्ति में भी व्यवधान होता है।
जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता केएस खाती ने बताया कि नगर और आसपास की करीब एक लाख की आबादी के लिए प्रतिदिन 18 एमएलडी पानी की जरूरत है लेकिन सिर्फ 8.5 एमएलडी पानी से काम चलाया जा रहा है। इसे देखते हुए अब पेयजल योजना के पुनर्गठन की जरूरत हो गई है। दूसरी तरफ जल निगम के अधिशासी अभियंता केके भट्ट ने बताया कि नई पंपिंग योजना के लिए शासन को करीब दो साल पहले प्रस्ताव भेजा जा चुका है लेकिन इसे अभी मंजूरी नहीं मिली है। करीब 30 करोड़ रुपये लागत की इस प्रस्तावित योजना से पहले चरण में मटेला में ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करके वहां से अल्मोड़ा के एनटीडी में स्थित विक्टर मोहन जलाशय तक मोटी पाइप डालने का प्रस्ताव बनाया गया है। इस जलाशय से अल्मोड़ा के धारानौला सहित करीब आधे इलाके को पानी की आपूर्ति की जा सकेगी।
दो करोड़ के जलाशय में एक बूंद पानी नहीं
अल्मोड़ा। एनटीडी में करीब चार साल पहले लगभग दो करोड़ रुपये लागत से विक्टर मोहन जलाशय का निर्माण किया गया है लेकिन निर्माण के बाद से आज तक इस जलाशय में एक बूंद पानी नहीं डाला जा सका है। पाइप लाइन डालने से पहले जलाशय में दो करोड़ रुपये क्यों खर्च किए गए इस बारे में जल निगम के अधिकारी फिलहाल चुप्पी साधे हुए हैं। करीब चार साल से सूखे पड़े इस विशाल जलाशय के अब खराब होने की भी आशंका है। जल निगम के अधिशासी अभियंता केके भट्ट का कहना है कि अल्मोड़ा के लिए प्रस्तावित की गई नई पेयजल योजना के अंतर्गत मटेला से इस जलाशय तक पाइप लाइन डाली जाएगी। ताकि इस जलाशय को भरकर यहां से नगर में पानी का वितरण किया जा सकेगा।
फरवरी तक पूरा हो जाएगा इंटैक वैल का काम
अल्मोड़ा। कोसी में बैराज बनने के बाद बैराज के निकट करीब 11 करोड़ रुपये लागत से इन्टैक वैल और मटेला तक पाइप लाइन डालने का काम अंतिम चरण पर है। जल निगम के अधिशासी अभियंता केके भट्ट ने बताया कि 1400 मीटर लंबी दो लाइनें बनकर तैयार हो चुकी हैं। फरवरी तक यह काम पूरा हो जाएगा लेकिन मटेला से अल्मोड़ा तक नई लाइन बनने के बाद ही इन्टैक वैल के निर्माण का लाभ जनता को मिल सकेगा।