रानीखेत (अल्मोड़ा)। ताड़ीखेत क्षेत्र पंचायत समिति की बैठक में स्वास्थ्य, सिंचाई और पेयजल के मुद्दे छाए रहे। कुछ अधिकारियों द्वारा सदन में सही जवाब नहीं दिया गया, जिसके चलते विधायक करन माहरा ने उन्हें फटकार भी लगाई। सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को उठाते हुए कहा कि हर बार सदन में मांगें उठाई जाती हैं, लेकिन विभागीय हीलाहवाली के चलते कार्य नहीं हो पा रहे हैं, जिस कारण जनता का आक्रोश उन्हें झेलना पड़ता है।
ताड़ीखेत ब्लॉक सभागार में प्रमुख रचना रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। सदस्यों ने पेयजल समस्या उठाते हुए कहा कि बिष्टकोटली में लंबे समय से पानी की समस्या बनी हुई है, लेकिन विभाग अनदेखी कर रहे हैं। बताया कि पीएमजीएसवाई द्वारा रोड निर्माण के दौरान पेयजल पाइप लाइन ध्वस्त हो गई, इसे आज तक ठीक नहीं किया गया है। जल संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि पीएमजीएसवाई की तरफ से क्षतिपूर्ति नहीं दी जा रही है। प्राथमिक विद्यालय जैना में स्रोत सूखने का मामला भी उठा।
स्कूल को पंपिंग योजना से जोड़ने की मांग उठाई। भारत निर्माण के तहत बनी सिंचाई गूलों की धनराशि नहीं मिलने से सदस्य नाराज दिखे। मटीला पेयजल योजना में धांधली का आरोप लगाते हुए सदस्यों ने इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई। चमड़खान की स्वास्थ्य सेवाओं को भी उठाया गया।
कहा कि स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों ने ग्राम प्रधान को सूचित बगैर वहां आयुर्वेदिक अस्पताल का उद्घाटन कर दिया। इस पर विधायक करन माहरा अधिकारियों पर बिफर पड़े। सदस्य कैलाश चंद्र, तारा सिंह आदि ने तमाम समस्याएं उठाईं। इस दौरान ज्येष्ठ प्रमुख अंबादत्त, कनिष्ट प्रमुख प्रेम अधिकारी, जिपं सदस्य अमित पांडे, प्रधान राजेंद्र बिष्ट, लक्ष्मण नेगी, सरिता फर्त्याल के अलावा परियोजना निदेशक नरेश कुमार, बीडीओ बालम सिंह, बीईओ गतिका जोशी आदि मौजूद थे