अल्मोड़ा। सहकारी संस्था इफ्को के तत्वावधान में विकास भवन सभागार में सहकारी समितियों के सचिवों को प्रशिक्षण दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि अधिकारी किसानों को परंपरागत कृषि के तौर तरीके छोड़कर नवीनतम वैज्ञानिक तकनीक से खेती करने के लिए प्रेरित करें, ताकि काश्तकारों की आय में बढ़ोत्तरी हो सके।
कृषि विज्ञान केंद्र मटेला के वैज्ञानिक डॉ. आरके शर्मा ने सचिवों से कहा कि वह अपने क्षेत्र में कृषकों को मिट्टी की जांच के बारे में बताएं और मृदा स्वास्थ्य कार्ड के बारे में जानकारी दी। डॉ. बीडी सिंह ने गेहूं, मटर, मसूर, आलू की वैज्ञानिक विधि से खेती के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि खेती में बीज का बहुत महत्व है। कृषक बीज का चुनाव मिट्टी के अनुसार करें।
मुख्य उद्यान अधिकारी हितपाल सिंह ने सरकारी विभागों द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया। मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एक नाली भूमि गेहूं का 950.10 रुपये बीमा होगा। जिसके लिए कृषकों को प्रति नाली 14.25 रुपये प्रीमियम देना होगा। जिले में काश्तकारों के नि:शुल्क मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाए जा रहे हैं। इफको के क्षेत्र अधिकारी विनोद कुमार जोशी ने जैव उर्वरकों के लाभ और उपयोग की विधि बताई। जिला सहायक निबंधक सहकारी समितियां एमएल टम्टा ने कहा कि सचिव कृषि योजनाओं की जानकारी काश्तकारों तक पहुंचाएं।