अल्मोड़ा। गर्मी के मौसम में आग की घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन जिले में आग से बचाव के लिए पर्याप्त साधन नहीं हैं। जिले में सिर्फ अल्मोड़ा और रानीखेत में ही अग्निशमन केंद्र स्थापित हैं। इसके अलावा किसी भी कस्बे, तहसील और ब्लॉक मुख्यालय में अग्निशमन सुविधाएं नहीं हैं। जिले में कई सालों से कुछ नए अग्निशमन केंद्र खोलने की मांग उठती रही है, लेकिन इन्हें मंजूरी नहीं मिल सकी है।
वर्तमान में जिला मुख्यालय अल्मोड़ा और रानीखेत में ही अग्निशमन केंद्र स्थापित हैं। जिले के द्वाराहाट, चौखुटिया, भिकियासैंण, चौखुटिया, मौलेखाल, सोमेश्वर, दन्यां, भनोली, जैंती, भतरौंजखान सहित अन्य किसी तहसील मुख्यालय अथवा बड़े कस्बों में भी अग्निशमन केंद्र नहीं खुल सके हैं। यदि इन स्थानों पर कभी आग की बड़ी घटना हो जाए तो रानीखेत या अल्मोड़ा से वहां तक फायर वाहन को पहुंचने में घंटों लग जाते हैं और इस स्थिति में आग पर काबू पाना संभव नहीं होता है। कई बार ऐसा हो भी चुका है जब इन कस्बों में हुए अग्निकांडों में लाखों की संपत्ति स्वाहा हो गई। अग्निशमन वाहनों को पहाड़ी मार्गों से कस्बों तक की लंबी दूरी तय करने में कई घंटे लग जाते हैं। इसे देखते हुए जिले में बीते कई वर्षों से दूरस्थ इलाकों में भी अग्निशमन केंद्र खोलने की मांग उठती रही है। पुलिस विभाग ने जिला स्तर से कई बार कुछ नए अग्निशमन केंद्र खोलने के प्रस्ताव भेजे जिन्हें मंजूरी नहीं मिली। वहीं, अब शासन स्तर से जिले में एक नया अग्निशमन केंद्र खोलने का प्रस्ताव मांगा गया है। पुलिस विभाग ने द्वाराहाट में एक अन्य अग्निशमन केंद्र खोलने का प्रस्ताव भेज दिया गया है। अगर इसे मंजूरी मिलती है तो यह जिले का तीसरा अग्निशमन केंद्र होगा।
अल्मोड़ा से कस्बों की दूरी
सोमेश्वर 40 किमी
दन्यां 60 किमी
जैंती 85 किमी
रानीखेत से कस्बों की दूरी
द्वाराहाट 30 किमी
चौखुटिया 45 किमी
भिकियासैंण 50 किमी
भतरौंजखान 28 किमी
मौलेखाल 100 किमी
देघाट 95 किमी
जिले में इस वक्त अल्मोड़ा और रानीखेत में अग्निशमन केंद्र हैं। कहीं आग की घटना होने पर इन दोनों स्थानों से ही अग्निशमन दल भेजा जाता है। द्वाराहाट में एक अन्य अग्निशमन केंद्र स्थापित करने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, लेकिन इसे अभी मंजूरी नहीं मिली है। - पी रेणुका देवी एसएसपी अल्मोड़ा।