चौखुटिया(अल्मोड़ा)। जहां चार यार मिल जाए वहां हर महफिल गुलजार हो जाती है। तड़ागताल के भूरसिंह, ग्वाली के भवानी राम, अखोड़िया के तिलराम और उलैंणी के प्रेमराम की चौकड़ी होली में त्वरित मुद्दों जोड़ गायन करने में माहिर हैं। फिल्म स्टार श्रीदेवी के निधन पर बनाया गया होली गीत हो या फिर एनएच घोटाले को उजागर करता जोड़ लोगों में चर्चा का विषय बना है।
फिल्म स्टार श्रीदेवी के निधन के बीच होली त्यौहार की मायूसी को उजागर करते लोक कलाकार कुछ इस तरह गाते हैं, ‘दातुलै की धारा, फिल्म जगत में हाहाकारा, फिल्म तारीका श्रीदेवी क स्वर्गवासा, कसी मनानू होली का त्यौहारा’। इसी तरह एनएच घाटाले को इंगित करता जोड़ ‘उथां है रौ एनएच घोटाल, नेता, अधिकारियोंक कोठी बंगाल, इंथा मैशुंक घुना में टाल, अधिकारी जेलों भीतेर न्हैगई, सुणंड़ में आमरौ कि असली गुनाहागार, भ्यारे रै गईं’ भी खूब पसंद किया जा रहा है। ब्यूरो