अल्मोड़ा। श्रम विभाग में लगभग तेरह हजार मजदूर पंजीकृत हैं और हर रोज काफी संख्या में मजदूर श्रम विभाग में रजिस्ट्रेशन के लिए जिला मुख्यालय पहुंचते हैं, लेकिन ये सारे कार्य जिले में अकेले एक अधिकारी और क्लर्क के भरोसे हैं। न तो कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई गई और न ही तहसील और ब्लॉकों में कहीं शाखा ही खोली गई।
राज्य बनने के बाद भी अल्मोड़ा में श्रम विभाग का कायाकल्प नहीं हो सका। जिला मुख्यालय के अलावा श्रम विभाग की कहीं भी न तो शाखा है और न कार्यालय। राज्य और केंद्र की सरकारी योजनाओं का सारा कार्य अकेले जिला मुख्यालय से ही चलता आ रहा है, वह भी एक अधिकारी और क्लर्क के भरोसे। जिले में वर्तमान में करीब 13 हजार मजदूर रजिस्टर्ड हैं। हर रोज 150 से 200 मजदूर श्रम विभाग पहुंचते हैं। अब श्रम कानूनों का पालन कराने के साथ ही सरकारी योजनाओं के अलावा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का काम भी श्रम विभाग के पास है। इसके अलावा विभाग साप्ताहिक बंदी, लेबर एक्ट की जांच, मजदूरों का पंजीकरण, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और उनकी समस्याओं का निराकरण करने के साथ उनको स्मार्ट कार्ड भी वितरित करता है। इन दिनों श्रम विभाग में स्मार्ट कार्ड ऑनलाइन बनाने का काम जारी है, लेकिन विभाग के पास स्टाफ की काफी कमी है। श्रम विभाग में श्रम परिवर्तन अधिकारी के अलावा सिर्फ एक क्लर्क और एक अनुसेवक ही तैनात है। जिले के सभी तहसील, ब्लॉक के कार्यों का बोझ भी इसी अधिकारी और कर्मचारी के पास है।
इधर श्रम परिवर्तन अधिकारी आशा पुरोहित का कहना है कि विभाग में कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए श्रम आयुक्त को पूर्व में कई बार पत्र व्यवहार किया गया है। हाल ही में रिमांइडर भी भेजा गया है।