अल्मोड़ा। न्याय पंचायत खत्याड़ी और फलसीमा के पंचायत प्रतिनिधियों की हुई बैठक में शहर के सीमावर्ती गांवों को नगर पालिका में मिलाने का विरोध किया गया। अग्रिम रणनीति तय करने के लिए 17 सितंबर को ग्राम पंचायत खत्याड़ी में पुन: बैठक तय की गई। जिसमें संघर्ष समिति का गठन किया जाएगा।
वक्ताओं ने कहा कि कैबिनेट का सीमावर्ती गांवों को पालिका में शामिल करने का प्रस्ताव जनभावनाओं के खिलाफ है। प्रस्ताव पारित किया गया कि 17 को ग्राम पंचायत खत्याड़ी में प्रात: 11 बजे से प्रस्तावित बैठक में संघर्ष समिति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों के प्रधान अपने-अपने गांवों में खुली बैठक आयोजित कर जनता को विस्तारीकरण से होने वाले नुकसान से अवगत कराएं।
इस मौके पर दूरभाष से क्षेत्रीय विधायक विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान को ग्रामीण जनता की भावना से अवगत कराया गया। बैठक में हवालबाग के ब्लॉक प्रमुख सूरज सिराड़ी, जिला पंचायत सदस्य जगत कनवाल, प्रधान खत्याड़ी हरीश कनवाल, बीडीसी सदस्य माल गणेश सिंह बिष्ट, सरसों के प्रधान नवीन बिष्ट, भवन बिष्ट, बीडीसी सदस्य खत्याड़ी आनंद कनवाल, प्रधान पांडेखोला दीपक भंडारी, रिंकू आर्या आदि ने भाग लिया।