बागेश्वर। सरकार और स्वास्थ्य विभाग के मरीजों को गुणवत्तायुक्त उपचार देने के दावा हवा हवाई साबित हो रहा है। पूरे जिले में केवल जिला अस्पताल में केवल गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिल रही है। कांडा, कपकोट, बैजनाथ में अल्ट्रासाउंड की सेवा ठप है। जिला अस्पताल में निश्चेतक के अवकाश पर जाने से विभिन्न प्रकार की सर्जरी पर भी ब्रेक लगा हुआ है। सर्जरी न होने से गर्भवतियों को जिला अस्पताल से रेफर होना पड़ रहा है। अस्पताल की सीटी स्कैन मशीन में तकनीकी खराब आने से करोड़ों की मशीन शोपीस बनी हुई है।
जिला अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को अव्यवस्थाओं के चलते दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए पहुंचे मरीजों को अल्ट्रासाउंड न होने से निजी केंद्रों की दौड़ लगानी पड़ी। जिले के एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर जाने से सीएचसी बैजनाथ, कांडा और कपकोट में अल्ट्रासाउंड सेवा ठप रही। मरीजों और गर्भवतियों को बैरंग वापस लौटना पड़ा। जिला अस्पताल में सोनोलॉजिस्ट डॉ. आनंद बसवाल ने 11 गर्भवतियों के अल्ट्रासाउंड किए। वहीं गंभीर चोट, सर की चोट और अन्य अंदरूनी समस्याओं के लिए सीटी स्कैन कराने के लिए पहुंच रहे मरीजों को सीटी स्कैन का लाभ नहीं मिल रहा है। अस्पताल में तैनात निश्चेतक के अवकाश पर जाने से सर्जरी भी नहीं हो पा रही है।
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अस्पताल में तैनात निश्चेतक पांच दिन के अवकाश पर हैं जिसके चलते सर्जरी में दिक्कतें आ रही हैं। सोमवार को उनके लौटने के बाद सर्जरी सुचारू हो जाएगी। हफ्ते में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को सोनोलॉजिस्ट गर्भवतियों के अल्ट्रासाउंड कर रहे हैं। सीटी स्कैन मशीन को ठीक करवाने के लिए तकनीशियन को बुलाया गया है। -डॉ. डीपी शुक्ला, सीएमएस बागेश्वर