विशेष सत्र न्यायाधीश ज्ञानेंद्र शर्मा ने दहेज हत्या के मामले में आरोपी को तीन साल का कठोर करावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर आरोपी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। घटनाक्रम के मुताबिक रेखा का विवाह 30 अप्रैल 2013 को जयपाल सिंह ग्राम पाखुड़ा, तहसील और जिला अल्मोड़ा के साथ हुआ।
शादी के छह माह बाद ही रेखा ने मायके आकर बताया कि उसका पति जयपाल, ससुर दीवान सिंह और सास हीरा देवी आदि दहेज को लेकर उसका उत्पीड़न करते हैं। नौ मार्च 2015 को रेखा ने फोन से अपनी माता को सूचना देकर जान का खतरा होने की आशंका जताई।
जब रेखा के पिता ससुराल पहुंचे तो उसके पति जयपाल सिंह ने बताया कि रेखा ने कुछ जहरीला पदार्थ खा लिया है। रेखा के परिजन अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक रेखा दम तोड़ चुकी थी। उसके बाद रेखा के पिता पूरन सिंह मेहता ने पाखुड़ा क्षेत्र के पटवारी के वहां मृतका के पति जयपाल, ससुर दीवान सिंह और सास हीरा देवी के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया।
अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता गिरीश चंद्र फुलारा ने अदालत में नौ गवाह परीक्षित करवाए। विशेष सत्र न्यायाधीश ज्ञानेंद्र शर्मा ने मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को धारा 498ए के अंतर्गत तीन साल के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। आरोपियों द्वारा जेल में बिताई गई अवधि को सुनाई गई सजा में समायोजित किया जाएगा। अदालत ने आरोपियों को अन्य धाराओं में दोषमुक्त कर दिया।