आपदा पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए मंगलवार को हरकी पैड़ी पर आयोजित कार्यक्रम के पहले सत्र में मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की गैरमौजूदगी ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में हलचल मचा दी।
मंगलवार को हरकी पैड़ी पर श्रद्धांजलि यज्ञ दिन में 11 बजे शुरू हो गया था। दोपहर 12 बजे तक सीएम नहीं पहुंचे तो पत्रकारों ने केंद्रीय मंत्री हरीश रावत, सांसद सतपाल महाराज और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट के सामने यह सवाल उठा दिया।
टीवी चैनलों पर इनके बयान चलते ही राजधानी में चर्चाएं शुरू हो गई। सीएम को अपने कार्यक्रम बीच में छोड़कर दोपहर बाद तीन बजे हरिद्वार पहुंचना पड़ा। तब तक यज्ञ समाप्त हो चुका था लेकिन श्रद्धांजलि सभा चल रही थी।
'मुख्यमंत्री को समय निकालना चाहिए था। यदि श्रद्धांजलि देने के लिए मुख्यमंत्री के पास समय नहीं था तो उन्हें श्रद्धांजलि यज्ञ अपने निवास पर ही रख लेना चाहिए था।'
हरीश रावत, केंद्रीय जल संसाधन मंत्री (सीएम के हरिद्वार पहुंचने से पहले का बयान)
'मुख्यमंत्री का न आना दुखद है। बड़े आयोजन की उपेक्षा किसी को नहीं करनी चाहिए।'
सतपाल महाराज, कांग्रेस सांसद (सीएम के हरिद्वार पहुंचने से पहले का बयान)