आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि उत्तराखंड की भाजपा सरकार ने नियमों की अवहेलना कर वनों में वृक्षारोपण करने और जंगल में लगी आग को बुझाने का ठेका एक ऐसी कंपनी को दे दिया था, जिसके पास इस तरह का काम करने का कोई अनुभव नहीं था। आप पार्टी का आरोप है कि सरकार के कुछ खास लोगों के इशारे पर एक कंपनी को हटाकर दूसरी कंपनी को यह ठेका सौंपा गया था। पार्टी इस मामले में अदालत का दरवाजा खटखटाने पर भी विचार कर रही है।
उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता रविंद्र जुगरान ने सोमवार को एक प्रेसवार्ता कर कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में वृक्षारोपण करने और वनों में असमय लग जाने वाली आग को रोकने के लिए एक योजना की शुरुआत की थी। 47,436 करोड़ की इस योजना में उत्तराखंड सहित 27 राज्य शामिल थे। इस योजना के अनुसार सैटेलाइट तकनीक का सहारा लेकर वनों में लगने वाली आग की घटनाओं को रोकना भी शामिल था।
आम आदमी पार्टी का आरोप है कि जिस यूएफओ नाम की कंपनी को यह ठेका दिया गया था, उसके निदेशक नरेंद्र हेते और संजय गायकवाड़ पर 1100 एकड़ के भूमि घोटाले में वाद चल रहा है। ईडी, पुलिस सहित अनेक एजेंसियों ने उसे अपने राडार पर ले रखा है और उस पर अनेक अदालती कार्रवाई चल रही है। इसके अलावा इस कंपनी के पास संबंधित क्षेत्र में काम करने का कोई अनुभव नहीं है।
पार्टी ने चिंता व्यक्त की है कि राज्य को मिले भारी अनुदान का दुरूपयोग हो सकता है और तकनीकी के अभाव में राज्य को इसका उचित लाभ भी नहीं मिल सकता है। रवींद्र जुगरान ने कहा है कि केंद्र सरकार को इस मामले को तत्काल संज्ञान में लेकर उचित कार्रवाई करनी चाहिए।