प्रदेश में आई दैवीय आपदा में अब भी हजारों यात्री फंसे हैं। हालांकि इनमें ज्यादातर सेना के राहत शिविरों तक पहुंच गए हैं। लेकिन तेज बारिश होती है तो राहत शिविर भी बारिश में सुरक्षित नहीं रहेंगे।
उत्तराखंड आपदा की विशेष कवरेज
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 36 घंटे यानी मंगलवार सुबह तक भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद भी कुछ दिन हल्की बारिश होती रहेगी।
सड़कें और चट्टानें दरक गई हैं
मौसम केंद्र निदेशक आनंद शर्मा ने बताया कि इस बार 36 घंटे की बारिश में प्रदेश के चंपावत, पिथौरागढ़, नैनीताल, लैंसडौन क्षेत्र अधिक प्रभावित हो सकते हैं। जबकि आपदा प्रभावित उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिले में 40 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश होगी। कई इलाकों में सड़कें और चट्टानें दरक गई हैं।
ऐसे में आपदा क्षेत्र की सड़कों पर चलना सुरक्षित नहीं रहेगा। मौसम खराब रहने से सेना के रेस्क्यू आपरेशन में भी परेशानी आ सकती है। बारिश से केदारनाथ, गंगोत्री मार्ग और बदरीनाथ मार्ग पर खोली गई सड़कें कच्चे मलबे के बहने से फिर से खराब हो गईं तो यहां फंसे यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। हवा में लगातार आर्द्रता की मात्रा बढ़ने से बारिश तेज हो सकती है। रविवार को वातावरण में आर्र्दता 95 से 75 के बीच थी।