मंगलवार को मौसम साफ होने पर केदारनाथ से 55 लोगों को हेलीकाप्टर से वापस लाया गया। 20 लोग अभी वहीं कैंप कर रहे हैं। दस लोगों की एक नई टीम आज हेलीकाप्टर से केदारनाथ भेज दी गई है।
टीम में पुलिस, एनडीआरएफ, माउंटेन ब्रिगेड के जवान और लोक निर्माण विभाग के कर्मी शामिल हैं। बता दें कि 75 सदस्यीय दल बीती तीन जुलाई को केदारनाथ गया था। दल ने वहां राहत कार्य के साथ ही शवों को निकालने और उनका अंतिम संस्कार का काम किया।
पांच और सात जुलाई को केदारधाम में 16 शवों का विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। लेकिन मौसम खराब होने से पांच जुलाई से दल का चारधाम (गुप्तकाशी) में कैंप कर रहे अधिकारियों से संपर्क नहीं हो पाया। केदारनाथ में खाद्य सामग्री भी खत्म हो गई थी, जिससे अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गई थी।
पैदल मार्ग से खाद्य सामग्री भेजने के प्रयास किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिली। आईजी राम सिंह मीणा ने बताया कि 55 लोगों की वापसी के बाद दस सदस्यीय नया दल वहां भेज दिया गया है। वहां रुकी टीम से अधिकारियों का लगातार संपर्क बना हुआ है।
टीम के सामने आ रही मुश्किलों को किया बयां
इधर, केदारनाथ से लौटे लोगों ने वहां कैंप कर रही टीम की दिक्कतों के बारे में डीआईजी अमित सिन्हा को बताया। खासकर जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए तार बाड़ और कर्मियों को छोटे आक्सीजन सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए जाने की बात उन्होंने कही।
वापस आए सदस्यों में एनडीआरएफ के कमांडर गोपीचंद और चिकित्सक डॉ. आशीष शर्मा, पुलिस विभाग के अधिकारी देवेंद्र पिंचा, स्वप्न किशोर सिंह, संजय उप्रेती, दिनेश नाथ, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. शैलेंद्र वशिष्ठ, डॉ. प्रदीप उनियाल, डॉ. विमलेश जोशी समेत अन्य विभागों के कार्मिक शामिल है।
केदारनाथ के लिए नया रास्ता खोजेगा 11 सदस्यीय दल
जवाहर लाल नेहरू पर्वतारोहण प्रशिक्षण संस्थान उत्तरकाशी के प्रधानाचार्य कर्नल अजय कोठियाल के नेतृत्व में 11 सदस्यीय दल केदारनाथ के लिए पैदल ट्रेक की खोज करेगा। धाम तक पहुंचने के लिए सभी पैदल रास्ते ध्वस्त हो चुके हैं।
पर्वतारोहियों का दल कालीमठ के रास्ते से चौमासी होते हुए केदारनाथ धाम तक पहुंचने के लिए नए पैदल ट्रेक की खोज करेगा ताकि खराब मौसम में भी वहां पहुंचा जा सके। कर्नल कोठियाल ने बताया कि उनके साथ एक गाइड भी हैं, जो उन्हें मदद करेंगे। इसके अलावा संस्थान में प्रशिक्षण ले रहे जवान भी उनके साथ हैं।