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200 नव विवाहित हैं आपदा के बाद लापता

Fri, 28 Jun 2013 04:56 PM IST
देहरादून/रजा शास्त्री
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पहाड़ों पर आई तबाही में दो सौ दूल्हे और दुल्हनें भी लापता हैं। इनका कोई अता-पता नहीं चल रहा है। इनकी शादी जून के महीने में ही हुई थी। शादीशुदा जिंदगी की शुरुआत को यादगार बनाने के लिए वे पहाड़ पर आए थे, लेकिन यहां आपदा की चपेट में आ गए।
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शासन और प्रशासन के आपदा कंट्रोल रूम पर इन नवविवाहित जोड़ों के परिजनों के फोन आ रहे हैं। कंट्रोल रूम में मुंबई से विभा त्यागी का फोन आया उसने बताया कि भइया-भाभी का 16 जून के बाद कोई पता नहीं चल रहा है। इससे मम्मी बदहवास और पागल सी हो गई हैं।

लखनऊ से आए विनोद चतुर्वेदी अपने दोस्त वैभव गुप्ता और उसकी पत्नी ऋचा की तलाश जोलीग्रांट एयरपोर्ट और दून अस्पताल में करते रहे।

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विनोद ने बताया कि निजी कंपनी में मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव वैभव ने कहा था कि वे पहाड़ पर घूम भी लेंगे और दर्शन भी कर लेंगे। उन्होंने बताया कि वैभव के साथ दूसरे प्रांतों के कई नवविवाहित जोड़ों ने ‘कंपनी’ के चक्कर में ग्रुप बना लिया था। वे साथ ही मंदाकिनी नदी के किनारे होटल में ठहरे थे। हादसे के दिन सुबह उनसे बात हुई थी। शासन और प्रशासन के कंट्रोल रूम में आ रहे फोन पर अन्य जोड़ों के संबंध में पूछा जा रहा है।
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अधिकांश फोन मुंबई, बंगलुरू, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और यूपी से आ रहे हैं। यमुनोत्री धाम के पुरोहित और पंचपंडा समिति यमुनोत्री के अध्यक्ष चंद्रमणि उनियाल ने बताया कि चारधाम की शुरुआत यमुनोत्री से होती है। यहां के बाद श्रद्धालु गंगोत्री और केदारधाम जाते हैं।

उन्होंने बताया कि इस बार नवविवाहित जोड़ों की संख्या दो सौ से अधिक होगी। इन जोड़ों ने यमुनोत्री धाम में दर्शन किए। नाम-पता तो नहीं पूछा जाता लेकिन दर्शन करते वक्त लोग बताते हैं कि उनकी नई शादी हुई है। पुरोहित उनियाल की पत्नी कृतेश्वरी देवी भी आपदा की चपेट में आ गई थीं। उनका दून अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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