वाराणसी। वर्ष 2047 में विकसित भारत की परिकल्पना क्या होगी, युवा विकसित भारत को किस रूप में देखना चाहते हैं और इसमें वो अपनी हिस्सेदारी कैसे निभा सकते हैं, ये वो सवाल हैं जिनके जवाब विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को देने हैं। विकसित भारत2047 योजना को पूरा करने में युवाओं की अहम भूमिका होगी। इसलिए युवाओं से इसका फीडबैक लिया जा रहा है।
छात्र-छात्राओं से फीडबैक लेने के लिए विश्वविद्यालयों की वेबसाइट पर फॉर्म अपलोड कर दिए गए हैं। उन्हें पांच स्टेप में जानकारी देनी होगी। पहले स्टेप में उन्हें माईजीओवी.इन वेबसाइट पर जाना है। इसके बाद अगले स्टेप में उन्हें तीन सवालों के जवाब देने होंगे। छात्रों को बताना होगा कि वह 2047 में कैसा विकसित भारत चाहते हैं। इसके लिए उन्हें अलग-अलग सुझाव देने होंगे। उन सुझावों पर अमल कैसे करना है, इसकी जानकारी भी देनी होगी। तीसरे स्टेप में छात्रों को खुद के योगदान बताने होंगे। चौथे स्टेप में फॉर्म भरने के साथ अपनी ई-मेल आईडी शेयर करनी होगी। पांचवें स्टेप में सोशल मीडिया पर विकसित भारत के सर्टिफिकेट को शेयर करना होगा। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की ओर से छात्रों को वेबसाइट पर इसके लिए फीडबैक देने की पूरी जानकारी दे दी गई है। छात्रों को विकसित भारत के बैनर के बैकग्राउंड में सेल्फी खींचकर उसे भी फेसबुक पर अपलोड करना होगा।
सभी विश्वविद्यालयों से छात्रों को विकसित भारत के बारे में सुझाव देने को कहा गया है। संस्कृत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को इस बारे में जानकारी दी जा चुकी है। अधिक से अधिक लोगों से सुझाव देने की अपील की गई है। -प्रो. बिहारी लाल शर्मा, कुलपति, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय