बीएचयू के स्वतंत्रता भवन के सीनेट हॉल में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आयोजित व्याख्यान श्रृंखला की तीसरी कड़ी में वक्ताओं ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। बतौर मुख्य वक्ता रामकथा मर्मज्ञ आचार्य शांतनु ने कहा कि युवाओं पर ही राष्ट्र के विकास की जिम्मेदारी है। देश में जो भी आंतरिक चुनौतियां हैं, उससे निपटने में भी युवाओं की अहम भूमिका है। इसके लिए उन्हें तैयार रहने की जरूरत है।
युवा शक्ति एवं राष्ट्र निर्माण
वर्तमान से भविष्य की ओर विषयक व्याख्यान में उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए सदैव तत्पर रहने के लिए प्रेरित किया। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर ने युवाओं के लिए सरकार द्वारा किए गए कार्यों के बारे में बताया। पद्मश्री चंद्रशेखर ने भारतीय समाज में कृषि की महत्ता के बारे में बताया एवं प्रगतिशील कृषि के लिए युवाओं का आह्वान किया।
इस दौरान प्रो. वशिष्ठ नारायण त्रिपाठी, रेणु श्रीवास्तव प्रो. रामकुमार सिंह ने भी अपनी बात रखी। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. नंदलाल, सत्यनारायण सिंह और संचालन प्रियांशु सिंह ने किया। अध्यक्षता व धन्यवाद ज्ञापन प्रो. विवेक सिंह ने किया। इस दौरान प्रो. एसपी सिंह, प्रो. तेज प्रताप सिंह, डॉ. शरद धर शर्मा, डॉ. पंकज कुमार प्रेम, डॉ. महेश राय, अभय प्रताप सिंह, साक्षी सिंह आदि लोग मौजूद रहे।